जो देश ग्रीनलैंड मुद्दे पर समर्थन नहीं करेंगे, उन पर टैरिफ़ लगा सकता हूं: ट्रंप

वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि जो देश अमेरिका के लिए ग्रीनलैंड हासिल करने की उनकी योजना का समर्थन नहीं करेंगे, वह उन पर टैरिफ लगा सकते हैं। उन्होंने शुक्रवार को व्हाइट हाउस के एक आयोजन में कहा, “ मैं उन देशों पर टैरिफ़ लगा सकता हूं, जो ग्रीनलैंड मुद्दे पर हमारे साथ नहीं जायेंगे, क्योंकि हमें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिये ग्रीनलैंड चाहिये। ”
ग्रीनलैंड में डेनमार्क साम्राज्य के अंदर एक स्व-शासित सरकार है, जिसमें डेनमार्क सरकार अपने रक्षा और विदेश नीतियों पर अधिकार रखती है। अमेरिका का इस द्वीप पर एक सैन्य अड्डा है। ट्रंप 2025 में दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद से बार-बार किसी भी तरह से ग्रीनलैंड को ‘हासिल करने’ की अपनी गहरी इच्छा जताते रहे हैं।
अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के उच्च-रैंकिंग अधिकारियों की बुधवार को हुई बैठक के बाद ग्रीनलैंड के भविष्य को लेकर एक ‘बुनियादी असहमति’ बनी हुई है। अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस में डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन और ग्रीनलैंड के विदेश मंत्री विवियन मोट्ज़फेल्ड से मुलाकात की।
वर्ष 2025 में घोषित व्यापक टैरिफ उपायों के अलावा, ट्रंप प्रशासन ने फेंटानिल के प्रवेश को रोकने, ईरान पर प्रतिबंधों, मेक्सिको के साथ पानी के अधिकारों पर विवाद और अन्य गैर-पारंपरिक क्षेत्रों में टैरिफ उपकरणों के उपयोग का विस्तार किया है या उपयोग करने की धमकी दी है।
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मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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