फरवरी में जीएसटी कलेक्शन 8 प्रतिशत बढ़कर 1.83 लाख करोड़ रुपए रहा
नई दिल्ली। गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स कलेक्शन फरवरी 2026 में सालाना आधार पर 8.1 प्रतिशत से बढ़कर 1.83 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जो कि बीते वर्ष समान अवधि में 1.69 लाख करोड़ रुपए था। यह जानकारी सरकार की ओर से रविवार को दी गई। इससे पहले जनवरी में जीएसटी कलेक्शन 1.71 लाख करोड़ रुपए रहा है। वित्त वर्ष 26 की शुरुआत से लेकर अब तक (अप्रैल 2025- फरवरी 2026 तक) जीएसटी कलेक्शन 20,27,033 करोड़ रुपए रहा है।
इसमें सालाना आधार पर 8.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले साल समान अवधि में जीएसटी कलेक्शन 18,71,670 करोड़ रुपए था। फरवरी के जीएसटी कलेक्शन में सेंट्रल जीएसटी (सीजीएसटी) 37,473 करोड़ रुपए रहा है, जबकि स्टेट जीएसटी (एसजीएसटी) 45,900 करोड़ रुपए रहा है। वहीं, इंटीग्रेटेड जीएसटी (आईजीएसटी) 1,00,236 करोड़ रुपए था। फरवरी में सरकार ने 22,595 करोड़ रुपए का रिफंड जारी किया है। इसमें सालाना आधार 10.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अगर रिफंड को घटा दिया जाए तो फरवरी में शुद्ध जीएसटी कलेक्शन 1.61 लाख करोड़ रुपए हो जाता है। इसमें सालाना आधार पर 7.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
पिछले साल समान अवधि में यह आंकड़ा 1,49,278 करोड़ रुपए था। वहीं, फरवरी 2026 में सरकार का सेस कलेक्शन 5,063 करोड़ रुपए रहा है। सेस में सालाना आधार पर बड़ी गिरावट देखने को मिली है। इसकी वजह सरकार द्वारा सितंबर 2025 में जीएसटी 2.0 को लागू करना था, जिससे तहत अधिकतर सामानों पर सेस को हटा दिया गया था और जीएसटी के टैक्स स्लैब को चार (28 प्रतिशत, 18 प्रतिशत, 12 प्रतिशत और 5 प्रतिशत) से घटाकर (18 प्रतिशत और 5 प्रतिशत) कर दिया था। फरवरी में महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु और कर्नाटक में सबसे अधिक जीएसटी कलेक्शन दर्ज किया गया। इसके बाद हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पश्चिम बंगाल का नाम शामिल था। वहीं, लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लद्दाख, मिजोरम, नागालैंड और मणिपुर उन राज्यों में शामिल थे जहां सबसे कम जीएसटी संग्रह हुआ।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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