"तेल महंगा, पर इंडिगो के पास है बचाव का रास्ता! जानें कैसे 'छोटी बुकिंग साइकिल' बचाएगी एयरलाइन का मुनाफा

नई दिल्ली। मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने के कारण बजट एयरलाइन इंडिगो के मुनाफे पर नजदीकी अवधि में दबाव देखने को मिल सकता है। यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई। मूडीज रेटिंग्स ने रिपोर्ट में कहा कि छोटी अवधि में ऊंची तेल की कीमतों से मार्जिन पर दबाव देखने को मिलेगा। हालांकि, टिकट बुकिंग साइकिल 30-45 दिन की होने के चलते समय के साथ बढ़ी हुई लागत पास करने में मदद मिलेगी। रिपोर्ट में कहा गया कि इंडिगो ईंधन की कीमतों को हेज नहीं करती है, जिससे वह अचानक से ईंधन की कीमत में आई तेजी के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाती है। हालिया तनाव 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए सैन्य हमलों के बाद बढ़ा है, जिसने पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों में हवाई यात्रा को बाधित कर दिया है, कच्चे तेल और जेट ईंधन की कीमतों को बढ़ा दिया है, और हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण एयरलाइंस को लंबे मार्ग अपनाने के लिए मजबूर किया है।
ये भी पढ़ें नेपाल में भीषण सड़क हादसा: मनकामना मंदिर से लौट रहे सात भारतीय तीर्थयात्रियों की मौत, नौ घायल
ये भी पढ़ें एनएचएआई का बड़ा फैसला: फास्टैग वार्षिक पास की फीस में बढ़ोतरी, एक अप्रैल से लागू होंगी नई दरेंरिपोर्ट में कहा गया है, "वैश्विक स्तर पर जेट ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर एयरलाइनों के मुनाफे पर पड़ेगा।" रिपोर्ट के अनुसार, लेबर के बाद ईंधन एयरलाइंस का दूसरा सबसे बड़ा खर्च है। संघर्ष के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतें बढ़कर लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल हो गईं, जो 2025 के औसत से लगभग 45 प्रतिशत अधिक है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी गल्फ कोस्ट रीजन में जेट ईंधन की कीमतें बढ़कर 3.50 डॉलर प्रति गैलन से अधिक हो गईं, जो पिछले वर्ष के औसत स्तर से लगभग 65 प्रतिशत अधिक है। हालांकि एयरलाइन की पश्चिम एशियाई मार्गों पर उड़ानें हैं - जो इसके राजस्व का लगभग 18-20 प्रतिशत हिस्सा हैं - भारत के घरेलू बाजार में इसकी मजबूत स्थिति इसे कुछ हद तक राहत प्रदान करती है। रिपोर्ट के अनुसार, एयरलाइन की घरेलू विमानन बाजार में लगभग 64 प्रतिशत हिस्सेदारी है और इसका लगभग तीन-चौथाई राजस्व घरेलू परिचालन से प्राप्त होता है। मूडीज ने बताया कि इंडिगो ने हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के बीच वैकल्पिक उड़ान मार्गों का उपयोग करके कुछ यूरोपीय मार्गों पर उड़ानें फिर से शुरू करने का प्रयास किया है, हालांकि अभी तक उसे सीमित सफलता ही मिली है।
मध्यम अवधि में, यदि व्यवधान जारी रहते हैं तो एयरलाइन के पास घरेलू मार्गों पर विमानों को फिर से तैनात करने या दक्षिण पूर्व एशिया में परिचालन का विस्तार करने की लचीलता बनी हुई है। हालांकि, मूडीज ने चेतावनी दी है कि इंडिगो को ईंधन की बढ़ती लागत, मार्गों में बदलाव के कारण उड़ान की अवधि में वृद्धि और रुपए के कमजोर होने से उत्पन्न विदेशी मुद्रा अस्थिरता का सामना करना जारी रहेगा। रिपोर्ट के अनुसार, जेट ईंधन की कीमतों में प्रत्येक 1 डॉलर की वृद्धि से इसके मासिक ईंधन खर्च में लगभग 20-25 करोड़ रुपए की वृद्धि होती है।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

टिप्पणियां