'खीर' की मिठास और सियासत की कड़वाहट के बीच दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र शुरु, आप ने किया सत्र का बहिष्कार
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुद तैयार की खीर, समाज के हर वर्ग को चखाया स्वाद

'नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा का बहुप्रतीक्षित बजट सत्र सोमवार को एक अभूतपूर्व और अनूठी 'खीर सेरेमनी' के साथ शुरू हुआ। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार का यह दूसरा बजट सत्र है, जिसकी शुरुआत मुख्यमंत्री ने खुद अपने हाथों से खीर तैयार कर की। जहाँ सत्ता पक्ष ने इसे 'विकास की मिठास' करार दिया, वहीं मुख्य विपक्षी दल आम आदमी पार्टी (आप) ने सत्र के बहिष्कार का ऐलान कर सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही सियासी पारा चढ़ा दिया है।
दिल्ली विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही शुरु होते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सर्वाधिक समय (8931 दिन) तक सरकार चलाने के वैश्विक रिकॉर्ड पर चर्चा हुई और पीएम मोदी के लिए 'अभिनंदन प्रस्ताव' पारित किया गया। यह प्रस्ताव भाजपा विधायक आशीष सूद ने पेश किया, जिसे अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने ध्वनिमत से पारित कराया। इस मौके पर सदन में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह हमारी सरकार का दूसरा बजट है, जो दिल्ली के लोगों के जीवनस्तर को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा और विकास की गति को दोगुना करेगा। रेखा गुप्ता ने कहा कि पीएम मोदी ने ईमानदारी और विदेश नीति की नई परिभाषा लिखी है, जिससे भारत का मान दुनिया भर में बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग की टीम की सराहना करते हुए कहा कि उनकी कड़ी मेहनत से दिल्ली की 'दशा और दिशा' बदलने वाला बजट तैयार हुआ है। सत्र की औपचारिक शुरुआत से पहले दिल्ली विधानसभा में बजट पेश करने से पहले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सचिवालय में कैबिनेट मंत्रियों परवेश वर्मा, मनजिंदर सिंह सिरसा, आशीष सूद और कपिल मिश्रा के साथ 'खीर सेरेमनी' आयोजित की। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने समावेशी राजनीति का परिचय देते हुए स्कूली छात्राओं, किसानों, किन्नर समुदाय के प्रतिनिधियों, डॉक्टरों और गिग वर्कर्स को अपने हाथों से बनी खीर खिलाई। वहीं विपक्षी दल 'आम आदमी पार्टी' के खेमे में सन्नाटा रहा।
आज पेश हो सकती है आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट
बजट सत्र के पहले दिन सदन के पटल पर दिल्ली की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट रखे जाने की प्रबल संभावना है। यह रिपोर्ट पिछले एक साल में दिल्ली की अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन और आने वाले वित्तीय वर्ष की चुनौतियों का लेखा-जोखा पेश करेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह बजट दिल्ली के विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
सरकार की क्या होंगी प्राथमिकताएं?
सूत्रों के मुताबिक, इस बार का बजट पिछले साल 2025-26 के लिए एक लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया था, जो उससे पहले के 76 हजार करोड़ रुपये से 31.5 फीसदी ज्यादा था। इस बार का बजट इससे भी बड़ा हो सकता है। कुल मिलाकर, बजट से पहले सरकार ने ऐसे संकेत दिए हैं जो आम जनता की उम्मीदों को बढ़ा रहे हैं, अब नजर इस बात पर रहेगी कि घोषणाएं जमीन पर कितनी उतरती हैं। एक लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर सकता है। मसलन दिल्ली की जनता की नजरें अब वित्त मंत्री की पोटली पर टिकी हैं, यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार अपनी घोषणाओं को धरातल पर कैसे उतारती हैं?
सदन में सियासी संग्राम: शिखा राय का निंदा प्रस्ताव
बजट चर्चा के बीच आज सदन में भारी हंगामे के आसार हैं। भाजपा विधायक शिखा राय सदन में एक महत्वपूर्ण निंदा प्रस्ताव पेश करने जा रही हैं। यह प्रस्ताव कांग्रेस, आप और अन्य उन विपक्षी दलों के खिलाफ है, जिन्होंने हाल ही में लोकसभा अध्यक्ष के विरुद्ध 'अविश्वास प्रस्ताव' पेश किया था, जिसे बाद में खारिज कर दिया गया था। भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष को सदन के भीतर घेरने की पूरी तैयारी में है।
आप का बहिष्कार: विपक्ष के कड़े तेवर
दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी ने सरकार की नीतियों और अपने विधायकों के प्रति रवैये के विरोध में पूरे सत्र के बहिष्कार की धमकी दी है। आप नेतृत्व का आरोप है कि सरकार जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय केवल दिखावा कर रही है। विपक्ष के इस रुख से साफ है कि बजट सत्र के दौरान सदन में तीखी नोकझोंक और गतिरोध देखने को मिल सकता है। गत 5 जनवरी को शीतकालीन सत्र के दौरान उपराज्यपाल के अभिभाषण में बाधा डालने के आरोप में निलंबित किए गए चार विधायकों संजीव झा, कुलदीप कुमार, सोमदत्त और जरनैल सिंह की वापसी न होने पर आप ने सत्र का बायकॉट किया। नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि यह कैसा लोकतंत्र है? जहाँ विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है। जब हमें बोलने ही नहीं दिया जा रहा, तो सत्र बुलाने का औचित्य क्या है?
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लेखक के बारे में
ओ.पी. पाल पिछले साढ़े तीन दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय एक प्रतिष्ठित नाम हैं। भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त (P.I.B. Accredited) वरिष्ठ पत्रकार श्री पाल ने लंबे समय तक लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के साथ-साथ गृह, रक्षा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की नेशनल ब्यूरो स्तर पर रिपोर्टिंग की है।
अमर उजाला और दैनिक जागरण से पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले श्री पाल ने 'शाह टाइम्स' में न्यूज़ एडिटर और 'हरिभूमि' (दिल्ली) में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में लंबी सेवाएं दी हैं। राजनीति विज्ञान और कृषि के विशेषज्ञ होने के साथ-साथ वे 'साहित्य रत्न' से भी विभूषित हैं। वर्तमान में वे एक स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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