दिल्ली में फिर श्रद्धा जैसा कांड, प्रेमिका की हत्या कर ढाबे के फ्रिज में रखा शव, फिर करने चला गया शादी

नई दिल्ली। दिल्ली में फिर एक श्रद्धा जैसा हत्याकांड हुआ है। प्रेमी ने अपनी किसी दूसरी युवती से शादी को लेकर हुए विवाद के बाद अपनी प्रेमिका की हत्या कर दी और उसके शरीर को अपने ढाबे के रेफ्रिजरेटर में रख दिया और उसी दिन अपनी शादी करने चला गया। पुलिस ने मंगलवार को यह […]
नई दिल्ली। दिल्ली में फिर एक श्रद्धा जैसा हत्याकांड हुआ है। प्रेमी ने अपनी किसी दूसरी युवती से शादी को लेकर हुए विवाद के बाद अपनी प्रेमिका की हत्या कर दी और उसके शरीर को अपने ढाबे के रेफ्रिजरेटर में रख दिया और उसी दिन अपनी शादी करने चला गया। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
ये भी पढ़ें मुजफ्फरनगर: बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने तोड़ी किसानों की कमर, सरसों और गेहूं की फसलें तबाहआरोपी साहिल गहलोत को हरियाणा के झज्जर की रहने वाली एक युवती का शव दिल्ली के मित्राओं गांव के बाहरी इलाके में उसके स्वामित्व वाले एक ढाबे के फ्रिज के अंदर मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया।
सूत्रों के अनुसार, हत्या कश्मीरी गेट इलाके के पास की गई। गहलोत शव के साथ लगभग 36 किमी दूर अपने ढाबे तक गया।
पुलिस ने हालांकि कहा कि मामले की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद सब कुछ साफ हो जाएगा।
पुलिस के मुताबिक, 10 फरवरी को सूचना मिली थी कि साहिल गहलोत नामक व्यक्ति ने अपनी प्रेमिका की हत्या कर उसी दिन दूसरी लड़की से शादी कर ली है।
विशेष पुलिस आयुक्त अपराध) रवींद्र सिंह यादव ने कहा, “एक पुलिस टीम का गठन किया गया और जांच करने पर किसी लापता लड़की के बारे में कोई मामला या शिकायत दर्ज नहीं हुई। आरोपी गहलोत की तलाश में टीम मित्रांव गांव पहुंची, लेकिन उसका मोबाइल फोन बंद पाया गया और वह अपने घर में मौजूद नहीं था। गांव और आस-पास के इलाके में सघन तलाशी ली गई।”
हालांकि गहलोत को पुलिस ने कैर गांव चौराहे पर दबोच लिया।
विशेष पुलिस आयुक्त ने कहा, “पूछताछ करने पर शुरू में आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। लेकिन लगातार पूछताछ करने पर उसने खुलासा किया कि उसने 9 फरवरी और 10 फरवरी की रात में अपनी प्रेमिका निक्की यादव की हत्या कर दी थी और उसके शव को रेफ्रिजरेटर में रख दिया था। उसका ढाबा मित्रांव गांव के बाहरी इलाके में एक खाली प्लॉट में है।”
साहिल गहलोत ने आगे खुलासा किया कि 2018 में वह युवती से पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में एक कोचिंग सेंटर में मिला था, जहां वह एसएससी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शामिल हुआ था।
विशेष पुलिस आयुक्त ने कहा, “उस समय निक्की उत्तम नगर में आकाश संस्थान में मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थी। दोनों एक ही बस में रोजाना अपने-अपने संस्थान जाते थे और वे दोस्त बन गए और बाद में प्यार हो गया।”
अधिकारी ने कहा, “दोनों ने कोचिंग क्लास से पहले और बाद में मिलना शुरू किया। फरवरी 2018 में आरोपी ने ग्रेटर नोएडा के गलगोटिया कॉलेज में डी. फार्मा में प्रवेश लिया और उसने उसी कॉलेज में बीए (इंग्लिश ऑनर्स) में भी प्रवेश लिया। इसके बाद दोनों वे ग्रेटर नोएडा में किराए के मकान में एक साथ रहने लगे। वे एक-दूसरे के बहुत करीब आ गए और मनाली, ऋषिकेश, हरिद्वार, देहरादून आदि जैसे कई स्थानों की यात्रा भी की।”
हालांकि, कोविड-19 महामारी लॉकडाउन के दौरान वे अपने घरों को लौट गए और लॉकडाउन के समाप्त होने के बाद वे फिर से द्वारका इलाके में एक किराए के घर में एक साथ रहने लगे।
स्पेशल सीपी ने कहा, “आरोपी ने इस संबंध के बारे में अपने परिवार के सदस्यों को सूचित नहीं किया। उसका परिवार उस पर किसी और लड़की के साथ शादी करने का दबाव बना रहा था और आखिरकार दिसंबर 2022 में आरोपी की सगाई और दूसरी लड़की के साथ 9 और 10 फरवरी को शादी तय हो गई।”
उन्होंने बताया कि गहलोत ने निक्की को अपनी सगाई या शादी की योजना के बारे में नहीं बताया। किसी तरह उसे इस बारे में पता चला और आरोपी से भिड़ गई और दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। आरोपी ने अपनी कार में रखे अपने मोबाइल फोन के डेटा केबल की मदद से निक्की का गला घोंट दिया। इसके बाद वह अपने ढाबे पर चला गया और उसके शव को एक रेफ्रिजरेटर में रख दिया।
उन्होंने कहा, गहलोत फिर अपने घर वापस चला गया और दूसरी महिला के साथ उसकी शादी को रद्द कर दिया।
अधिकारी ने कहा, “निक्की का शव आरोपी की निशानदेही पर फ्रिज से बरामद किया गया। भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।”
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां