गुब्बारा फेंकने के विवाद में युवक की हत्या के बाद तनाव, पीड़ित परिवार ने 40 लोगों के शामिल होने का किया दावा
नई दिल्ली। द्वारका जिले के उत्तम नगर इलाके में होली के दौरान गुब्बारा फेंकने के मामूली विवाद में युवक तरुण की बेरहमी से हत्या के बाद से इलाके में तनाव बना हुआ है। पुलिस ने इस मामले में अब तक दो नाबालिग और तीन महिलाओं समेत कुल 16 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
उधर, पीड़ित परिवार का दावा है कि वारदात में केवल 16 नहीं बल्कि करीब 40 लोग शामिल थे। परिवार ने बाकी आरोपियों की एक सूची भी पुलिस को सौंपी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस सूची में शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है और घटना के समय उनकी मौजूदगी तथा गतिविधियों की पड़ताल की जा रही है।
द्वारका जिले के पुलिस उपायुक्त कुशल पाल सिंह ने बताया कि तरुण हत्याकांड में अब तक सभी मुख्य 16 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बाकी लोगों के बारे में भी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई और व्यक्ति घटना में शामिल पाया जाता है, तो उसे भी किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
इधर, घटना के बाद इलाके में लगातार गतिविधियों के चलते तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थिति को देखते हुए पूरे इलाके में स्थानीय पुलिस के साथ-साथ अर्द्धसैनिक बलों की कई कंपनियां तैनात की गई हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। वहीं, पीड़ित परिवार से मिलने के लिए भी लगातार लोग पहुंच रहे हैं।
मंगलवार को पीड़ित परिवार हरिद्वार गया, जहां तरुण की अस्थियों का विसर्जन किया गया। इस दौरान परिवार के कई सदस्य मौजूद रहे। परिवार ने पुलिस से मांग की है कि वारदात में शामिल बाकी आरोपितों को भी जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। परिवार का दावा है कि आरोपित परिवार के सात से आठ रिश्तेदारों के घर उसी गली में हैं और घटना वाली रात सभी लोग एकत्रित हो गए थे।
नाबालिग के लापता होने की अफवाह फैला रहा आरोपित परिवार
तरुण हत्याकांड में पुलिस की कार्रवाई के बाद आरोपित परिवार की एक महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में महिला अपने परिवार के एक नाबालिग लड़के के लापता होने का दावा कर रही है। इस वीडियो को सोशल मीडिया पर टैग कर कई लोग पुलिस से नाबालिग के बारे में सवाल कर रहे हैं। इसपर द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त कुशल पाल सिंह ने स्पष्ट किया कि नाबालिग के लापता होने की बात पूरी तरह गलत है। उन्होंने बताया कि संबंधित नाबालिग तरुण हत्याकांड का मुख्य आरोपित है। उसे पहले ही पकड़कर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश किया गया था, जहां से उसे ऑब्जर्वेशन होम भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और अफवाह फैलाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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