कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के दौरान 'अश्लील इशारा' का आरोप, मुख्यमंत्री ने महिला आयोग से की जांच की मांग
गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने शनिवार काे कांग्रेस नेताओं, जिसमें असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के पूर्व अध्यक्ष और विपक्ष के नेता भूपेन बोरा भी शामिल हैं, पर एक सार्वजनिक बातचीत के दौरान किए गए "अश्लील और अस्वीकार्य इशारे" को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस घटना से असम की महिलाओं और लड़कियों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है।
मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इस मुद्दे को "दुख के साथ" उठा रहे हैं और आरोप लगाया कि भूपेन बोरा ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता देबब्रत सैकिया के साथ मिलकर एक ऐसा इशारा किया जिसे उन्होंने कल्पना से परे बताया। डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि आज कैबिनेट ब्रीफिंग के बाद इस बारे में और जानकारी देंगे।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि यह इशारा इस तरह से किया गया था जिससे असम की महिलाओं और लड़कियों का अपमान हुआ और जोर देकर कहा कि सार्वजनिक जीवन में ऐसे व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस पार्टी अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं करती है और इसमें शामिल नेताओं को पार्टी से नहीं निकालती है, तो उन्हें असम के समाज से स्वीकार्यता की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने दावा किया कि इस घटना के विजुअल्स दिल्ली से उन तक पहुंचे हैं, जहां कथित तौर पर लोगों ने सवाल उठाया कि क्या असम में ऐसा व्यवहार सामान्य हो गया है। उन्होंने कहा कि फुटेज चौंकाने वाला था और कांग्रेस नेतृत्व की मानसिकता के बारे में गंभीर चिंताएं पैदा करता है।
घटना के संदर्भ का जिक्र करते हुए, मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि कथित इशारा सड़क किनारे से लगाए जा रहे नारों पर प्रतिक्रिया हो सकता है, संभवतः उन महिलाओं द्वारा जो कह रही थीं कि वे कांग्रेस को वोट नहीं देंगी। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कोई भी उकसावा वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं के ऐसे व्यवहार को सही नहीं ठहरा सकता।
विजुअल्स को टेलीविजन चैनलों या डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म पर व्यापक रूप से प्रसारित नहीं किया गया था। डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने सवाल किया कि इस मामले पर वह ध्यान क्यों नहीं दिया गया जिसका वह हकदार था। उन्होंने कहा कि उन्हें यह समझना मुश्किल लग रहा है कि विपक्ष का नेता और पूर्व एपीसीसी अध्यक्ष एक महिला कांग्रेस नेता मीरा बोरठाकुर के साथ ऐसे आचरण से जुड़े हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। उन्हाेंने कहा कि उनकी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है, लेकिन ऐसे कामों के पीछे की मानसिकता पर सवाल उठाने के लिए मजबूर हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि ऐसी मानसिकता वाले नेता भविष्य में महिला कल्याण, समाज कल्याण या यहां तक कि मुख्यमंत्री बनने की ख्वाहिश रखते हैं।
डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने यह भी घोषणा की कि उन्होंने औपचारिक रूप से वीडियो क्लिप को असम राज्य महिला आयोग को भेजने के लिए कहा है और आयोग से इस मामले का संज्ञान लेने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा महिलाओं की गरिमा और सम्मान से जुड़ा है और संबंधित अथॉरिटी द्वारा इसकी गंभीरता से जांच की जानी चाहिए। वहीं, कांग्रेस पार्टी ने अभी तक मुख्यमंत्री के आरोपों पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है।--
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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