मुजफ्फरनगर पालिका में 'अपनों' की बगावत या 2027 की बिसात?: कपिल देव बनाम गौरव स्वरूप की जंग में उलझे सभासद
अंजू अग्रवाल जैसा 'इतिहास' दोहराने की तैयारी? राजीव शर्मा और मनोज वर्मा की भूमिका पर सस्पेंस; संजीव बालियान और मंत्री कपिल देव के बीच वर्चस्व की नई जंग!
मुजफ्फरनगर- नगर पालिका परिषद में पिछले कुछ दिनों से भारतीय जनता पार्टी के सभासदों द्वारा भ्रष्टाचार के खुले आरोप लगाने से शहर की राजनीति गर्मा गई है। पिछले कुछ दिनों से भाजपा सभासद राजीव शर्मा, मनोज वर्मा, योगेश मित्तल, सीमा जैन और देवेश कौशिक आदि निरंतर नगर पालिका में भ्रष्टाचार के मुद्दे उठा रहे हैं। चूँकि ये सभी भाजपा के निर्वाचित सभासद हैं, इसलिए इनके द्वारा अपनी ही सरकार और बोर्ड के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले मीडिया में उजागर करने को लेकर शहर में तरह-तरह की चर्चाएँ व्याप्त हैं।
वर्तमान में मुजफ्फरनगर नगर पालिका की चेयरमैन मीनाक्षी स्वरूप हैं। उनके पति गौरव स्वरूप भाजपा के प्रभावशाली नेता माने जाते हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार के कौशल विकास राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल पिछले तीन बार से नगर सीट से विधायक चुने जा रहे हैं। अब चूँकि 2027 का विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहा है, इसलिए माना जा रहा है कि नगर पालिका के इन विवादों के जरिए 2027 के टिकट की राह आसान की जा रही है।
कपिल देव अग्रवाल शहर में भाजपा का दमदार चेहरा हैं, लेकिन इस बार गौरव स्वरूप भी उनके स्थान पर टिकट पाने के प्रयासों में जुटे हैं। गौरव स्वरूप हर दृष्टिकोण से एक मजबूत प्रत्याशी हैं और उन्हें पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री व पूर्व सांसद डॉ. संजीव बालियान का खुला समर्थन भी प्राप्त है। दूसरी ओर, कपिल देव अग्रवाल भी राजनीति के कच्चे खिलाड़ी नहीं हैं और अब वे 'हर प्रकार' से सक्षम भी हैं।
ये भी पढ़ें मथुरा: आशुतोष महाराज पर गाड़ी के पेमेंट हड़पने का आरोप, कारोबारी ने ट्रस्ट को बताया 'फर्जी'नगर पालिका की इस वर्तमान लड़ाई को गौरव स्वरूप और कपिल देव अग्रवाल के बीच 2027 के भाजपा टिकट की जंग से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा के दो प्रमुख सभासद, राजीव शर्मा और मनोज वर्मा, लंबे समय तक कपिल देव के निकटतम माने जाते रहे हैं। पिछली नगर पालिका के कार्यकाल में तत्कालीन अध्यक्ष अंजू अग्रवाल के खिलाफ इन दोनों ने ही जमकर मुहिम चलाई थी। तब चर्चा थी कि ये विधायक कपिल देव के इशारे पर अंजू अग्रवाल को घेर रहे हैं। स्थिति यह बनी थी कि लगातार घेराबंदी के कारण अंततः अंजू अग्रवाल को भाजपा में शामिल होना पड़ा था। हालांकि, अंजू अग्रवाल को भाजपा ने कभी 'परिवार' का हिस्सा नहीं माना। इसकी सार्वजनिक घोषणा 2022 के नगर पालिका चुनाव के दौरान डॉ. संजीव बालियान ने खुद की थी। उन्होंने मीनाक्षी स्वरूप के पक्ष में मतदान की अपील करते हुए कहा था कि "इस बार भाजपा को जिताइए ताकि ट्रिपल इंजन की सरकार विकास कर सके।"
वर्तमान में राजीव शर्मा और मनोज वर्मा, गौरव स्वरूप के भी नजदीकी माने जाते हैं, जबकि कपिल देव से भी उनकी नजदीकियां प्रगाढ़ हैं। ऐसे में यह रहस्य बना हुआ है कि ये दोनों सभासद आखिर किसके खेमे में हैं—पुराने साथी कपिल देव के साथ, या वर्तमान सत्ता समीकरण बदलने के बाद अब प्रत्यक्ष लाभ की संभावनाओं के चलते गौरव स्वरूप के साथ ?
पिछले तीन दिनों से भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाने वाले सभासदों में योगेश मित्तल, राजीव शर्मा, मनोज वर्मा, सीमा जैन और देवेश कौशिक शामिल हैं। ये वे सभासद हैं जो निरंतर गौरव स्वरूप के आवास पर बैठते हैं और नगर पालिका में जिनका दबदबा है। ऐसे में जब 'पावर सेंटर' के करीबी ही भ्रष्टाचार का मुद्दा उठा रहे हैं, तो सवाल उठना स्वाभाविक है। लोगों का मानना है कि 2027 के नजरिए से कपिल देव अग्रवाल इन सभासदों के माध्यम से गौरव स्वरूप की छवि प्रभावित कर अपना टिकट पक्का करना चाह रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर यह भी माना जा रहा है कि नगर पालिका में आज भी कपिल देव प्रभावशाली हैं और गौरव स्वरूप खुद को पूरी तरह सक्षम न पाकर अपने समर्थकों के जरिए खुद भ्रष्टाचार का मुद्दा उठवा रहे हैं, ताकि अप्रत्यक्ष रूप से नगर पालिका में कपिल देव के वर्चस्व को तोड़ा जा सके।
हालांकि अशोक कंसल और श्रीमोहन तायल जैसे अन्य कई प्रत्याशी भी टिकट की दौड़ में हैं, लेकिन 2027 की मुख्य लड़ाई फिलहाल कपिल देव अग्रवाल और गौरव स्वरूप के बीच ही मानी जा रही है। ऐसे में नगर पालिका की यह वर्तमान खींचतान क्या नया गुल खिलाएगी, इस पर पूरे शहर की निगाहें टिकी हैं। 2027 में 'हाथी' और 'साइकिल' से लड़ने के लिए 'कमल' का सिपाही कौन बनेगा, पूरे शहर की निगाहें इसी 'पॉलिटिकल थ्रिलर' पर टिकी हैं।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मुज़फ्फरनगर के वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप त्यागी पिछले दो दशकों (20 वर्ष) से रॉयल बुलेटिन परिवार के एक अटूट और विश्वसनीय स्तंभ हैं। दो दशकों के अपने इस लंबे सफर में आपने मुज़फ्फरनगर की हर छोटी-बड़ी राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक हलचल को बेहद करीब से देखा और अपनी लेखनी से जनता की आवाज़ बुलंद की है। वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में जिला प्रभारी की ज़िम्मेदारी निभा रहे श्री त्यागी अपनी ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए पूरे जिले में पहचाने जाते हैं। जिले की खबरों, जन-समस्याओं और संवाद हेतु आप उनसे मोबाइल नंबर 9027803022 पर संपर्क कर सकते हैं।

टिप्पणियां