उप्र : एसआईआर में दावे-आपत्तियों का समय 06 मार्च तक बढ़ा, 10 अप्रैल को आएगी अंतिम मतदाता सूची
लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने शुक्रवार काे प्रेस कांफ्रेंस की। उन्होंने बताया उत्तर प्रदेश में एसआईआर की समय सीमा बढ़ा दी गई है। अब मतदाता छह मार्च तक अपने दावे और आपत्तियां दाखिल कर सकेंगे। अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल को जारी होगी।
उत्तर प्रदेश में चल रही मतदाता सूची की विशेष पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत मतदाताओं को बड़ी राहत दी गई है। राज्य में दावा और आपत्ति दर्ज कराने की समय सीमा को एक माह के लिए बढ़ा दिया गया है। अब पात्र नागरिक 6 मार्च तक मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, संशोधन कराने या नाम कटवाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल को प्रकाशित की जाएगी।
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने शुक्रवार को पत्रकारों को बताया कि 6 फरवरी तक फॉर्म-6 के अत्यधिक आवेदन प्राप्त होने के कारण यह निर्णय लिया गया है ताकि कोई भी पात्र नागरिक मताधिकार से वंचित न रह जाए। उन्होंने बताया कि अब तक फॉर्म-6 के तहत 37,80,414 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जबकि फॉर्म-7 के 82,684 आवेदन आए हैं। बड़ी संख्या में ऐसे नागरिक सामने आए हैं जिनके नाम पूर्व की मतदाता सूची में दर्ज नहीं थे और वे पहली बार नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर रहे हैं।
वहीं, विदेश में निवास कर रहे पात्र भारतीय नागरिक फॉर्म-6ए के माध्यम से नाम दर्ज करा सकते हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मैपिंग (गणना फॉर्म) प्रक्रिया के दौरान लगभग 1 करोड़ 4 लाख मतदाताओं में तार्किक विसंगतियां पाई गईं, जिसके चलते उन्हें फिलहाल सूची में शामिल नहीं किया गया है। इन मामलों में संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कुल 3 करोड़ 26 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजे जाने हैं, जिनमें से अब तक 2 करोड़ 37 लाख नोटिस जनरेट किए जा चुके हैं। इनमें 86 लाख नोटिस वितरित किए जा चुके हैं, जबकि 30 लाख 30 हजार मामलों की सुनवाई पूरी कर ली गई है।
नवदीप रिणवा ने बताया कि सभी नोटिसों का निस्तारण 27 मार्च तक कर लिया जाएगा। इसके बाद समस्त प्रक्रियाएं पूर्ण करते हुए 10 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी जाएगी। मतदाताओं की सुविधा के लिए बीएलओ प्रतिदिन सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक अपने-अपने पोलिंग स्टेशनों पर उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग का लक्ष्य एक शुद्ध, अद्यतन, पारदर्शी और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना है, ताकि प्रदेश का कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रह जाए।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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