मुरादाबाद: जीएसटी विभाग का 'सर्जिकल स्ट्राइक'; 25 बड़े सर्राफा व्यापारी SIB के रडार पर, करोड़ों की टैक्स चोरी का खुलासा
बिक्री छिपाकर बिना बिल किया जा रहा था व्यापार; चंदौसी के 33 करोड़ के सोना कांड ने खोला काली कमाई का राज; बाजार में मचा हड़कंप
मुरादाबाद। मुरादाबाद के सर्राफा बाजार पर राज्य कर विभाग की विशेष जांच शाखा (SIB) ने अपना शिकंजा कस दिया है। विभाग ने शहर के 25 प्रमुख सर्राफा व्यापारियों के खिलाफ जाँच के आदेश जारी करते हुए बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। इन व्यापारियों पर आरोप है कि ये अपनी वास्तविक बिक्री के आंकड़ों को छिपाकर GST की बड़ी चोरी कर रहे थे। हाल ही में चंदौसी में पकड़े गए 33 करोड़ रुपये के सोने के अवैध कारोबार ने इस पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ कर दिया है, जिसके बाद अब SIB इन व्यापारियों के कच्चे-पक्के रिकॉर्ड खंगालने में जुटी है।
बिना बिल और नकद लेन-देन का 'काला खेल'
ये भी पढ़ें यमुना एक्सप्रेस-वे पर मौत का तांडव: डबल डेकर बस ने ईको कार को रौंदा, राजस्थान के छह लोगों की मौतSIB की प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया है कि ये 25 सर्राफा कारोबारी करोड़ों का सोना-चांदी बिना किसी पक्के बिल के नकद में बेच रहे थे। सरकारी रिकॉर्ड में बिक्री कम दिखाकर GST के रूप में नाममात्र की राशि जमा की जा रही थी। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इन व्यापारियों ने पिछले कुछ वर्षों में सैकड़ों करोड़ का टर्नओवर किया, लेकिन टैक्स के नाम पर विभाग को चूना लगाया। जांच दल अब इन व्यापारियों के स्टॉक, बैंक खातों और आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) की गहराई से जाँच कर रहा है।
ये भी पढ़ें दिल्ली: खाड़ी देशों की ओर जाने वाली 100 से अधिक उड़ानें रद्द, यात्री बोले-नहीं होनी चाहिए जंगचंदौसी सोना कांड से जुड़े हैं तार
गौरतलब है कि चंदौसी में हाल ही में GST टीम ने 33 करोड़ रुपये मूल्य का अवैध सोना जब्त किया था। इस कांड ने मुरादाबाद सर्राफा बाजार के भीतर चल रहे बिना बिल के नेटवर्क को पूरी तरह उजागर कर दिया। SIB द्वारा चिन्हित किए गए 25 व्यापारियों में से कई के तार सीधे तौर पर चंदौसी कांड से जुड़े बताए जा रहे हैं। विभाग ने इन व्यापारियों की दुकानों, गोदामों और संदिग्ध वाहनों पर भी नजरें टेढ़ी कर ली हैं। इस कार्रवाई के बाद मुरादाबाद के मुख्य सर्राफा बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ है और व्यापारियों में भारी खलबली है।
करोड़ों का जुर्माना और कानूनी शिकंजा तय
राज्य कर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह जाँच पिछले 3 से 5 वर्षों के रिकॉर्ड पर केंद्रित रहेगी। इसमें मुख्य रूप से स्टॉक मिसमैच और फर्जी बिलिंग की पड़ताल होगी। विभागीय अनुमान है कि इस पूरी जाँच के बाद 50 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी और जुर्माना सामने आ सकता है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि टैक्स चोरी कर राजस्व को नुकसान पहुँचाने वाले किसी भी कारोबारी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, सर्राफा संघ ने भी अपने सदस्यों को सभी दस्तावेज़ दुरुस्त रखने की सलाह दी है।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
अभिषेक भारद्वाज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 11 वर्षों से मुरादाबाद मंडल की पत्रकारिता का व्यापक अनुभव है। वे मुरादाबाद के प्रतिष्ठित एसएस न्यूज़ चैनल में संपादकीय प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर चुके हैं। मुरादाबाद की राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय खबरों पर उनकी गहरी पकड़ है। वर्तमान में वे रॉयल बुलेटिन के मुरादाबाद जिला प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

टिप्पणियां