बिहार: विपक्ष के 'खाली खजाने' पर वित्त मंत्री ने दिया जवाब, बोले- होली के पहले मिलेगी फरवरी की सैलरी
पटना। बिहार के वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने मंगलवार को विधान परिषद में सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए कहा कि फरवरी की सैलरी होली पर्व के पहले जारी हो जाएगी। बिहार विधान मंडल के बजट सत्र के दौरान विधान परिषद में बिहार विनियोग विधेयक (संख्या 2) 2026 पर चर्चा के बाद विनियोग विधेयक सदन से पारित कर दिया गया। इस विधेयक पर वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने सरकार की ओर से बोलते हुए बिहार के विकास की चर्चा की। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को लेकर साफ कहा, "विपक्ष के जो लोग कह रहे हैं कि खजाना खाली है तो सरकार ने निर्णय लिया है कि फरवरी महीने का वेतन होली से पहले ही दे दिया जाएगा।" इसी क्रम में उन्होंने विपक्षी सदस्यों पर चुटकी लेते हुए कहा कि हम कोशिश करेंगे कि फरवरी में विरोधी दल को तनख्वाह नहीं मिले।
वित्त मंत्री की इस बात पर सदन का माहौल खुशनुमा हो गया और ठहाके भी लगे। इस दौरान राजद के अब्दुल बारी सिद्दीकी ने बिहार को विशेष राज्य का मुद्दा छेड़ते हुए कहा कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने का कोई उल्लेख बजट में नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि स्पेशल इकोनॉमिक जोन का पैसा बिहार को नहीं मिलता, बल्कि गुजरात में चला जाता है। इस पर वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद देश की इकोनॉमी दुनिया में तीसरे नंबर पर जा रही है। अब कोई स्पेशल कैटेगरी का राज्य नहीं होता है। केंद्र सरकार की ओर से बिहार को नेशनल हाईवे समेत अन्य योजनाओं में बहुत अधिक राशि दी जा रही है। केंद्र की इस मदद से बिहार काफी विकास कर रहा है। बता दें कि बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने सोमवार को कहा था कि 21 सालों में एनडीए की सरकार ने बिहार के खजाने को खाली कर दिया है। अब तो आने वाले दिनों में बिहार सरकार के कर्मचारियों को वेतन देने तक के पैसे नहीं होंगे।
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मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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