उपेंद्र कुशवाहा ने किसी और को दे दिया है अपना ‘दिल’, पढ़िए क्या बोले आरजेडी नेता
पटना। जदयू के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से ‘सौदे’ का खुलासा करने की अपील के बाद राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि कुशवाहा ने अपना ‘दिल’ किसी और को दे दिया है। तिवारी ने कहा- महागठबंधन की सरकार बनने के बाद जदयू और राजद के बीच बिहार […]
पटना। जदयू के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से ‘सौदे’ का खुलासा करने की अपील के बाद राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि कुशवाहा ने अपना ‘दिल’ किसी और को दे दिया है।
तिवारी ने कहा- महागठबंधन की सरकार बनने के बाद जदयू और राजद के बीच बिहार के बेरोजगार युवाओं को 20 लाख नौकरियां देने का सौदा हुआ था। हमने राज्य से भाजपा को हटाया है और केंद्र से भी हटाएंगे। हमारे पास बिहार के विकास की डील है, उपेंद्र कुशवाहा बार-बार डील की बात करते हैं।
ये भी पढ़ें बिहार : 'मुख्यमंत्री रोजगार योजना' में सीएम नीतीश ने 25 लाख महिलाओं के खाते में भेजे 10 हजार रुपयेमेरा मानना है कि उन्होंने अपना ‘दिल’ किसी और को दे दिया है और इसलिए वह डील की बात कर रहे हैं। वह भाजपा की भाषा बोल रहे हैं।
इससे पहले बुधवार को कुशवाहा ने कहा था कि नीतीश कुमार को जेडीयू के किसी भी नेता को प्रमोट करना चाहिए और तेजस्वी यादव को प्रमोट करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे पार्टी और ‘लव-कुश’ समीकरण कमजोर होगा।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए तिवारी ने कहा, ‘जेडी-यू ने 2020 का विधानसभा चुनाव एनडीए की छत्रछाया में लड़ा था, फिर भी तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजद ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया और राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बन गई। तेजस्वी यादव सिर्फ पांच-छह सीटों से सरकार बनाने में नाकाम रहे। लोकतंत्र में मतदाता सर्वोच्च हैं और उन्होंने तेजस्वी यादव को अपना आशीर्वाद दिया है। महागठबंधन की सरकार बनने के बाद ‘चाचा’ (नीतीश कुमार) ने अपने ‘भतीजे’ (तेजस्वी यादव) को आशीर्वाद दिया है। इसमें गलत क्या है?
तिवारी ने कहा, उपेंद्र कुशवाहा को बेचैनी क्यों हो रही है। वह सांप्रदायिक ताकतों की गोद में बैठे हैं और इसलिए इस तरह की बात कर रहे हैं।
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