पलवल: ट्रकों की टक्कर से लगी भीषण आग, सात घंटे बंद रहा सोहना मार्ग

पलवल। जिले के सोहना रोड पर धतीर पुलिस चौकी और जैंदापुर गांव के बीच दो ट्रकों की आमने-सामने की टक्कर के बाद भीषण आग लग गई। हादसे के चलते पलवल–सोहना रोड करीब सात घंटे तक पूरी तरह बंद रहा। आग बुझाने और क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने के बाद शामतक यातायात बहाल हो सका।
मिली जानकारी के अनुसार, एक ट्रक-ट्राला पलवल से सोहना की ओर जा रहा था, जबकि दूसरा ट्रक लकड़ी के टुकड़े भरकर सोहना से पलवल की तरफ आ रहा था। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि चिंगारी निकलते ही दोनों ट्रकों में आग लग गई। लकड़ी भरी होने के कारण आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया।
हादसे के बाद पलवल–सोहना रोड पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। दोनों ओर करीब पांच-पांच किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही धतीर पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची और फायर ब्रिगेड विभाग को बुलाया गया। आग पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसके बाद क्रेन की मदद से जले हुए ट्रकों को सड़क से हटाया गया। जाम के दौरान पुलिस ने यातायात को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट कराया।
दुर्घटना में एक ट्रक चालक घायल हो गया, जिसे राहगीरों की मदद से उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं दूसरे ट्रक चालक का अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। पुलिस का कहना है कि आशंका है कि वह चालक हादसे के बाद मौके से फरार हो गया।
पलवल–सोहना रोड गुरुग्राम-सोहना को पलवल से जोड़ने वाला व्यस्त मार्ग है, जिससे जाम के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़क खुलने के बाद जाम में फंसे लोगों ने राहत की सांस ली।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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