लावारिस मिठाई खाने से एक और मौत, अब तक तीन लोगों की जा चुकी है जान..क्या यह कोई सुनियोजित साजिश है..?

छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव में होटल में छोड़ी गई लावारिस मिठाई खाने से बुधवार को एक युवती की मौत हो गई। मंगलवार देर रात लावारिस मिठाई खाने से बीमार हुई युवती को छिंदवाड़ा से नागपुर रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान सुबह 6:30 बजे उसने दम तोड़ दिया। उसके शरीर के सभी अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। लावारिस मिठाई खाने से नगर में तीन दिन में यह तीसरी मौत हुई है।
जानकारी के अनुसार, पीएचई विभाग के पास स्थित एक होटल में गत 10 जनवरी को कोई मिठाई की थैली छोड़ गया था। जब कोई थैली लेने नहीं लौटा तो पीएचई गार्ड दशरू यदुवंशी (53) ने मिठाई का डिब्बा निकाल लिया। उसने वहीं मौजूद सुंदर लाल कथूरिया (72), उनकी पत्नी संतोषी बाई और पोती खुशबू के साथ मिठाई खा ली। इसके बाद तीनों की तबीयत बिगड़ गई। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 11 जनवरी को गार्ड दशरू की मौत हो गई। इसके दो दिन बाद मंगलवार को सुंदर लाल ने दम तोड़ दिया। बुधवार को खुशबू (27) की भी जान चली गई। अभी संतोषी बाई की हालत गंभीर है।
जुन्नारदेव थाना प्रभारी राकेश बघेल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। होटल और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रहे हैं। साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. सुरेश नागवंशी के अनुसार, फूड सैंपल और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जाएगी।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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