राज्यसभा में सांसद बंशीलाल गुर्जर ने कहा-एक देश, एक चुनाव और एक मतदाता सूची बेहद आवश्यक
मंदसौर। राज्यसभा में मंगलवार को चुनाव प्रक्रिया में सुधार और एक देश एक चुनाव को लेकर चर्चा में मप्र से राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर ने चर्चा करते हुए सदन में कहा कि एक देश, एक चुनाव और एक मतदाता सूची देश हित में बेहद आवश्यक है। गुर्जर ने कहा कि इस देश में प्रजातंत्र की स्थापना कई वर्षो पहले हुई थी।
उन्होंने एक उदाहरण देते हुए बताया कि राजा भरत को अपना उत्ताराधिकारी चुनना था उनके 9 पुत्र थे लेकिन एक भी पुत्र उन्हें योग्य नहीं दिखा और उन्होने प्रजा में से अपना उत्तराधिकारी चुना यह हमारे देश का गौरव है। प्रजातंत्र के प्रारंभिक दौर में हाथ ऊंचा करने परम्परा था फिर मत पत्र के माध्यम से मत होते थे कई बाहुबली लोग सरकार बनाने का ठेका ले लेते थे। जब अंतिम पंक्ति में बैठा व्यक्ति अपना मत देने मतदान केन्द्र पर जाता था तो उसे कह दिया जाता था कि अपका मत तो हो चुका है। व्यक्ति कुछ नहीं कर पाता था ऐसा दौर भी हमने देखा है। आज आधुनिक युग में मशीनों के माध्यम से मतदान हो रहा है।
गुर्जर ने कहा कि मैं देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सरकार को धन्यवाद देना चाहता हूं कि हम चुनाव प्रक्रिया में सुधार पर चर्चा कर रहे है। आज देश में एसआईआर हो रहा है जिसका हमारे कुछ विपक्षी साथियों ने विरोध किया लेकिन वे आज तक नहीं बता पायें कि एसआईआर क्यों नहीं होना चाहिए। आपने कहा कि जितनी तेजी से हमारे देश के निर्वाचन आयोग ने प्रगति की है उतनी किसी ओर देश के निर्वाचन आयोग ने नहीं की है।
पहले विधानसभा चुनाव 7 से 8 चरणों में पूर्ण होते थे वहीं लोकसभा चुनाव तो 15 चरणों तक पहुंच जाते थे लेकिन आज ऐसा नहीं है हाल ही में संपन्न बिहार विधानसभा में निर्वाचन आयोग ने मात्र दो चरणों में मतदान करवा दिया यह एक बड़ी उपलब्घि है। आपने कहा कि एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूची का शुद्धीकरण हो रहा है हमने देखा है बिहार चुनाव में एसआईआर के सुखद परिणाम आयें है। जो असली मतदाता है वहीं मतदान कर सका। बिहार चुनाव में इस बार कही भी पुर्नमतदान नहीं करवाना पडा और बेहद शांतिपूर्ण तरीके से मतदान संपन्न हुआ था यह एसआईआर से ही संभव हो सका। आपने कहा कि आज मात्र 24 घंटे में मतदान के परिणाम आ जाते है यह हमारी प्रगति है। आपने कहा कि आज चुनाव प्रक्रिया में सुधार की बेहद आवश्यकता है और एक देश एक चुनाव लागू होना चाहिए।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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