कूनो में बढ़ता चीतों का परिवार...मादा चीता गामिनी दूसरी बार बनी मां, जन्में तीन शावक
श्योपुर। मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में उत्सव की लहर दौड़ गई है, क्योंकि दक्षिण अफ्रीका से आई चीता, गामिनी, जो दूसरी बार मां बनी है। मादा चीता गामनी ने 18 फरवरी 2026 को तीन नन्हें शावकों को जन्म दिया है। दक्षिण अफ्रीका से चीतों के आगमन के तीन वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में कुनो में एक नया अध्याय जुड़ गया है। यह खुशी भरा आगमन भारतीय धरती पर चीतों के नौवें सफल प्रसव का प्रतीक है और इसके साथ ही भारत में जन्मे जीवित शावकों की संख्या 27 हो गई है। इन नए शावकों के साथ, भारत में चीतों की कुल संख्या अब 38 हो गई है। जो देश के दृढ़ और ऐतिहासिक संरक्षण प्रयासों का एक सशक्त प्रतीक है।
यह खुशखबरी दक्षिण अफ्रीकी चीतों के भारत आगमन के तीन वर्ष पूरे होने के दिन सामने आई है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस उपलब्धि को भारत के ऐतिहासिक संरक्षण अभियान की बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट चीता के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
दूसरी बार मां बनी चीता गामिनी
गामिनी दूसरी बार मां बनी है। यह भारतीय धरती पर चीतों का नौवां सफल कुनबा है। इन नए शावकों के जन्म के साथ भारत में जन्मे जीवित शावकों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है। अब देश में कुल चीता आबादी 38 तक पहुंच गई है।
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चीता गामिनी द्वारा शावकों को जन्म देने की जानकारी को प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर साझां किया है। उन्होंने लिखा है कि अत्यंत हर्ष का विषय है कि प्रोजेक्ट चीता के अंतर्गत दक्षिण अफ्रीका से आई मादा चीता गामिनी ने 3 शावकों को जन्म दिया है। श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क में आए चीतों के तीन वर्ष पूर्ण होने के साथ यह 9वां सफल प्रसव है। भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर अब 38 हो गई है। यह पूरे देश के लिए वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि है।
ये भी पढ़ें PM मोदी बोले मैक्रों से मिलने के लिए उत्सुक, बातचीत से दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी होगी मजबूत28 फरवरी को बोत्सवाना से कूनो आएंगे 8 चीते
चीता पुनर्वास परियोजना के तहत तीसरे चरण में आठ चीते 28 फरवरी को बोत्सवाना से कूनो लाए जा रहे हैं। इनमें दो वयस्क मादा और छह नर चीते शामिल हैं। मिली जानकारी के अनुसार कार्यक्रम में केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव भी भागीदारी कर सकते हैं। अतिथियों के आगमन को लेकर कूनो राष्ट्रीय उद्यान में 5 हेलीपैड बनाए गए हैं। बोत्सवाना की राजधानी गैबोरोन के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से भारतीय वायुसेना का विशेष परिवहन विमान चीतो को लेकर ग्वालियर वायुसेना स्टेशन पर उतरेगा। यहां से एयरफोर्स के हेलीकाप्टर के जरिए चीतों को कूनो नेशनल पार्क लाया जाएगा। एयरफोर्स के अधिकारियों की देख-रेख में यहां हेलीकॉप्टर उतारने का ट्रायल भी किया गया है। जानकारी के अनुसार 21 फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कूनो पहुंचकर तैयारियों का जायजा लेंगे।
जिलाधीश ने किया घडियाल रिलीज साइट का अवलोकन
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा 21 फरवरी को कूनो पालपुर स्थित कूनो नदी में घडियाल छोडे जाने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसी के चलते बुधवार को जिलाधीश अर्पित वर्मा द्वारा घडियाल रिलीज साइट का अवलोकन कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। इस अवसर पर डीएफओ कूनो आर थिरूकुराल, अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय सहित वन विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहें। इस दौरान कूनो में स्थित हेलीपेड स्थल का अवलोकन भी किया गया।
भारत में चीतों पर एक नजर....
35 चीते कूनो राष्ट्रीय उद्यान में
03 चीते गांधी सागर अभ्यारण्य में
20 चीते नामीबियाई मूल के हैं। इनमें 17 का जन्म भारत में हुआ।
18 चीते दक्षिण अफ्रीकी मूल के हैं। इनमें 10 का जन्म भारत में हुआ।
39 चीते अब तक भारत में जन्मे
27 चीते वर्तमान में जीवित हैं
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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