मध्य प्रदेश में ट्रेन से विस्फोटक लेकर जा रही महिला समेत दो गिरफ्तार, 400 डेटोनेटर बरामद
रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के डभौरा में पुलिस ने ट्रेन में अवैध विस्फोटक की एक बड़ी खेप पकड़ी है। सोमवार की रात पुलिस ने उत्तर प्रदेश से ट्रेन के जरिए विस्फोटक ला रहे एक पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 400 डेटोनेटर और केबल समेत अन्य सामग्री बरामद की गई है।
रीवा के पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह चौहान ने मंगलवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि ट्रेन में विस्फोटक की तस्करी की सूचना मिली थी। इसके बाद डभौरा थाना प्रभारी ऋषभ सिंह बघेल ने जाल बिछाया। आरोपित जैसे ही जनता एक्सप्रेस से डभौरा रेलवे स्टेशन उतरे और बाजार क्षेत्र में पहुंचे, पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें रोक लिया। तलाशी लेने पर उनके पास मौजूद दो थैलों में भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री मिली।
पकड़े गए आरोपितों की पहचान विनोद मांझी (निवासी सोहागी) और पूजा मांझी (निवासी छदेनी, जवा) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक दोनों उत्तर प्रदेश के मानिकपुर से यह खेप लेकर आए थे। शक है कि वे इस विस्फोटक का इस्तेमाल अवैध खनन या दूसरे गैरकानूनी कामों में करने वाले थे।
पुलिस का कहना है कि जो दो लोग पकड़े गए हैं, उनका कोई पुराना आपराधिक इतिहास नहीं है। इस विस्फोटक सामग्री का उपयोग वे खनिज उत्खनन के लिए करते थे। बाद में वे ट्रैक्टर के जरिए सप्लाई करते थे। ये छोटे तस्कर हैं, इनके पीछे कोई बड़ा मास्टरमाइंड हो सकता है, जिसका खुलासा होना अभी बाकी है।
डभौरा थाना प्रभारी ऋषभ सिंह बघेल ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपित यह विस्फोटक सामग्री क्षेत्र में अवैध रूप से बेचने के लिए लाए थे। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे विस्फोटक सामग्री अवैध खनन करने वालों को बेचते थे। अवैध खनन में डेटोनेटर का इस्तेमाल खनिज चट्टानों को तोड़ने के लिए किया जाता है, ताकि पत्थर या खनिज को आसानी से निकाला जा सके। आरोपितों के खिलाफ बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वह विस्फोटक सामग्री की खेप मानिकपुर से लेकर आते थे। इसके बाद जनता एक्सप्रेस में सवार होकर डभौरा रेलवे स्टेशन पहुंचते थे। आरोपियों ने बताया कि वह अवैध खनन करने वाले लोगों को विस्फोटक सामग्री बेचते हैं। वे पहले भी इसी तरह से खेप ला चुके हैं। चालाकी से बच निकलते थे।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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