शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या—डरें नहीं, इन सरल उपायों से पाएं शनि देव का आशीर्वाद
ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को 'न्याय का देवता' और 'कर्मफल दाता' माना गया है। अक्सर लोग शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या का नाम सुनते ही डर जाते हैं, लेकिन शनि देव केवल अनुचित कार्य करने वालों को दंड देते हैं। यदि आप शनिवार के दिन कुछ विशेष और सरल उपाय करते हैं, तो शनि देव की कृपा आप पर बनी रहती है।
1. साढ़ेसाती और ढैय्या का वैज्ञानिक और ज्योतिषीय आधार
2. शनि देव को प्रसन्न करने के गहरे उपाय
- पीपल के वृक्ष की पूजा: शनिवार की शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। पीपल की सात बार परिक्रमा करें। माना जाता है कि पीपल में सभी देवताओं का वास होता है और इसकी पूजा से शनि देव शांत होते हैं। केवल दीपक जलाना ही पर्याप्त नहीं है। शास्त्रों के अनुसार, शनिवार को पीपल को स्पर्श करने से शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। "मूलाधार" में ब्रह्मा, "मध्य" में विष्णु और "अग्रभाग" में शिव का वास होने के कारण शनि देव इस वृक्ष की पूजा से शांत होते हैं।
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हनुमान चालीसा का पाठ: शनि देव ने हनुमान जी को वचन दिया था कि जो भी हनुमान जी की भक्ति करेगा, उसे शनि कभी परेशान नहीं करेंगे। शनिवार को 'सुंदरकांड' या 'हनुमान चालीसा' का पाठ अवश्य करें।
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छाया दान करें: एक कटोरी में सरसों का तेल लें, उसमें अपना चेहरा देखें और फिर उस तेल को किसी जरूरतमंद को दान कर दें या शनि मंदिर में रख आएं। इसे 'छाया दान' कहते हैं, जो शनि दोष को कम करने का सबसे प्रभावी तरीका है। लोहे के पात्र में तेल भरकर चेहरा देखना केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि अपनी 'बुराइयों' को तेल में प्रतिबिंबित कर उसे विसर्जित करने का प्रतीक है।
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मजदूरों और असहायों की सहायता: शनि देव परिश्रम करने वालों के प्रतिनिधि हैं। किसी गरीब, मजदूर या सफाई कर्मचारी को काला छाता, काले जूते या काली उड़द की दाल दान करने से शनि देव अत्यंत प्रसन्न होते हैं।
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शमी के पौधे का महत्व: अपने घर में शमी का पौधा लगाएं और शनिवार को उसके पास दीपक जलाएं। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और आर्थिक तंगी से राहत मिलती है।
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शनि मंत्रों का सही उच्चारण: 'ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः'— इस बीज मंत्र का जप करने से मानसिक एकाग्रता बढ़ती है और साढ़ेसाती के दौरान होने वाला मानसिक तनाव कम होता है।
3. 'हनुमान भक्ति' क्यों है अनिवार्य?
मुजफ्फरनगर के प्राचीन मंदिरों में शनिवार को लगने वाली भीड़ इस बात का प्रमाण है कि हनुमान जी और शनि देव का गहरा संबंध है। कथा है कि रावण की कैद से शनि देव को हनुमान जी ने ही मुक्त कराया था। इसलिए, शनिवार को चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर हनुमान जी को लेपन करने से शनि दोष स्वतः ही समाप्त हो जाता है।
4. कर्म और दान: क्या करें और क्या न करें?
शनि केवल पूजा से नहीं, आचरण से प्रसन्न होते हैं:
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क्या करें: अपने घर के नौकरों, सफाईकर्मियों और समाज के निचले तबके के लोगों का सम्मान करें। उन्हें शनिवार को भोजन कराएं।
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क्या न करें: शनिवार को लोहा, काला तेल या चमड़ा न खरीदें। किसी का हक न मारें और झूठ बोलने से बचें।
पाठकों के लिए विशेष सलाह:
शहर के प्रसिद्ध शनि धाम या पास के किसी प्राचीन शनि मंदिर में जाकर नीले फूल और काले तिल अर्पित करना आज के दिन विशेष फलदायी रहेगा। शनि मंदिरों और सिद्धपीठों पर शनिवार को पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। यहाँ की मिट्टी और वातावरण में एक विशेष ऊर्जा है जो शनि दोष से पीड़ित जातकों को मानसिक शांति प्रदान करती है।
निष्कर्ष
शनि देव सजा देने वाले नहीं, बल्कि सुधारने वाले देवता हैं। यदि आपकी नीयत साफ है और आप परिश्रमी हैं, तो साढ़ेसाती आपके लिए स्वर्ण युग (Golden Period) भी साबित हो सकती है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से धर्मनगरी वृंदावन के निवासी पंडित ब्रज बिहारी अत्री मुज़फ्फरनगर के आध्यात्मिक और सामाजिक क्षेत्र का एक प्रमुख चेहरा हैं। वर्तमान में वे मुज़फ्फरनगर में अर्चक पुरोहित संघ के जिलाध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। पंडित अत्री जी की ज्ञान परंपरा अत्यंत समृद्ध है; उन्होंने ज्योतिष की गहन शिक्षा हनुमानगढ़ (राजस्थान) के सुप्रसिद्ध पंडित लक्ष्मण दास जी से प्राप्त की है।
पंडित ब्रज बिहारी अत्री जी को कर्मकांड की विद्या विरासत में मिली है। उन्होंने अपने दादा पंडित ख्यालीराम जी और पिता पंडित कृष्ण जीवन अत्री जी के मार्गदर्शन में सनातन परंपराओं को आत्मसात किया। इसके साथ ही, उन्होंने पंडित सीताराम चतुर्वेदी जी से व्याकरण की सूक्ष्म बारीकियों की शिक्षा ग्रहण की। अपनी पारिवारिक विरासत और गुरुओं से प्राप्त ज्ञान के माध्यम से वे मुज़फ्फरनगर में धार्मिक अनुष्ठानों और पुरोहित समाज के हितों के लिए निरंतर समर्पित हैं। धार्मिक परामर्श या अनुष्ठान हेतु उनसे मोबाइल नंबर 9412842153 पर सीधे संपर्क किया जा सकता है।

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