चैत्र नवरात्रि कब से शुरू होगी जानें घटस्थापना मुहूर्त अष्टमी और नवमी की सही तिथि, जानें 8 दिन या 9 दिन होगी मां दुर्गा की पूजा

देशभर में चैत्र नवरात्रि का पर्व बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह पर्व शक्ति की आराधना का प्रतीक माना जाता है और इन दिनों मंदिरों और घरों में विशेष पूजा पाठ भजन कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान होते हैं। भक्त पूरे नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग अलग स्वरूपों की पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं।
इस बार चैत्र नवरात्रि को लेकर लोगों के बीच थोड़ी उलझन देखी जा रही है। कुछ लोग कह रहे हैं कि इस बार माता रानी की पूजा आठ दिन होगी जबकि कुछ लोग नौ दिन की नवरात्रि बता रहे हैं। ऐसे में कई भक्त यह जानना चाहते हैं कि चैत्र नवरात्रि 2026 में आखिर कितने दिन मां दुर्गा की पूजा की जाएगी।
19 मार्च से शुरू होगी चैत्र नवरात्रि
हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होती है। वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्रि का पर्व 19 मार्च से शुरू होगा। प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 19 मार्च की सुबह 6 बजकर 53 मिनट से होगी और इसका समापन 20 मार्च की सुबह 4 बजकर 53 मिनट पर होगा। चूंकि प्रतिपदा तिथि सूर्योदय से पहले शुरू हो रही है इसलिए 19 मार्च से ही नवरात्रि का पहला दिन माना जाएगा।
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना या कलश स्थापना का विशेष महत्व माना जाता है। इसी के साथ मां दुर्गा की पूजा का शुभ आरंभ होता है। वर्ष 2026 में घटस्थापना के दो शुभ मुहूर्त बताए जा रहे हैं। पहला शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 52 मिनट से सुबह 7 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। दूसरा शुभ मुहूर्त अभिजीत काल में दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। इन शुभ समय में कलश स्थापना करके भक्त माता रानी की पूजा शुरू कर सकते हैं।
इस बार पूरे 9 दिन की होगी नवरात्रि
ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस बार चैत्र नवरात्रि पूरे नौ दिनों तक चलेगी। इस बार किसी भी तिथि का क्षय नहीं हो रहा है इसलिए नवरात्रि के सभी नौ दिन पूरे होंगे। 19 मार्च को नवरात्रि का पहला दिन होगा। 26 मार्च को महाअष्टमी मनाई जाएगी और 27 मार्च को महानवमी की पूजा की जाएगी। इसके बाद 28 मार्च को राम नवमी का पर्व मनाया जाएगा। इस तरह इस बार भक्त पूरे नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना कर सकेंगे।
नौ दिनों तक होगी मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा
नवरात्रि के दौरान भक्त मां दुर्गा के नौ अलग अलग स्वरूपों की पूजा करते हैं। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा होती है। इसके बाद मां ब्रह्मचारिणी मां चंद्रघंटा मां कूष्मांडा मां स्कंदमाता मां कात्यायनी मां कालरात्रि मां महागौरी और अंत में मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। इन नौ दिनों में भक्त व्रत रखते हैं पूजा पाठ करते हैं और देवी मां की कृपा पाने के लिए जप और साधना करते हैं। कई लोग महाअष्टमी या महानवमी के दिन कन्या पूजन और हवन भी करते हैं।
इस बार डोली पर आएंगी मां दुर्गा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा किसी विशेष वाहन पर सवार होकर पृथ्वी लोक पर आती हैं। उनके वाहन का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है और इससे भविष्य के संकेत भी जुड़े होते हैं।
इस वर्ष माता रानी की सवारी डोली मानी जा रही है। मान्यता है कि जब मां दुर्गा डोली पर आती हैं तो यह समय में उतार चढ़ाव और चुनौतियों का संकेत हो सकता है। हालांकि भक्तों के लिए यह पर्व हमेशा आस्था और भक्ति का प्रतीक होता है।
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