आज पूरे देश में सेना दिवस मनाया जा रहा है। भारतीय सेना की मुख्य जिम्मेदारी देश की सुरक्षा और जरूरत पड़ने पर शत्रु देश के साथ युद्ध करना है, लेकिन इसके साथ ही सेना का मानवीय पक्ष भी उतना ही उज्जवल है।
कारगिल युद्ध के समय पाकिस्तान ने स्वीकार नहीं किया कि वहां हमारे सैनिक थे और उनके शव लेने से इंकार कर दिया था। इसके बावजूद भारतीय सेना ने इस्लामिक परंपरा के अनुसार उन्हें पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ अंतिम संस्कार प्रदान किया।
1965 और 1971 के युद्धों के दौरान भारत ने युद्धबंदियों के साथ हमेशा मानवता का व्यवहार किया। उनके भोजन और अन्य सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा गया। इस प्रकार भारतीय सेना के मानवीय कार्यों की सराहना शत्रु देश के सैनिकों ने भी की।
भारतीय सेना केवल युद्ध में ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं, बाढ़ और अनियंत्रित हिंसा की परिस्थितियों में भी मानवता की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहती है।
कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि भारतीय सेना न केवल देश की सुरक्षा में उत्कृष्ट है, बल्कि अपने मानवीय मूल्यों के लिए भी दुनिया में सम्मानित है।