अश्लील फिल्में व धारावाहिकों में अश्लीलता युवाओं को कर रही प्रभावित : बाबा रामदेव
पणजी। योग गुरु रामदेव ने कहा है कि देश के युवा फिल्मों और धारावाहिकों में अश्लील सामग्री और अश्लीलता के बहकावे में आ रहे हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। वह गोवा में आज सुबह शुरू हो रहे तीन दिवसीय योग शिविर से पहले मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा, “मेरा उद्देश्य […]
पणजी। योग गुरु रामदेव ने कहा है कि देश के युवा फिल्मों और धारावाहिकों में अश्लील सामग्री और अश्लीलता के बहकावे में आ रहे हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। वह गोवा में आज सुबह शुरू हो रहे तीन दिवसीय योग शिविर से पहले मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा, “मेरा उद्देश्य लोगों को बिना किसी दवा के स्वाभाविक रूप से स्वस्थ जीवन जीने के लिए मार्गदर्शन करना है। समाज में जिस तरह से अश्लीलता फैल रही है, उससे भी चिंतित हूं.. पोर्न फिल्में बन रही हैं.. यहां तक कि फिल्मों और सीरियल में भी इतनी अश्लीलता है जो युवाओं को भटका रही है। हमें देखना होगा कि वे इस तरह के कंटेंट के बहकावे में न आएं।”
ये भी पढ़ें कानपुर: घरेलू कलह के बाद घर में मिले महिला और बच्चे का शव, रेलवे ट्रैक पर मिला रिटायर्ड फौजी का शवयोग गुरु ने कहा कि आध्यात्मिक शिक्षा द्वारा उन्हें इससे बाहर निकालने की जरूरत है।
ये भी पढ़ें 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' का आगाज: पीएम मोदी बोले- एआई से होगा 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय'योग शिविर के बारे में उन्होंने कहा कि इसके तहत गोवा में शिक्षा को भारतीय शिक्षा बोर्ड से जोड़ने के उद्देश्य से 20 फरवरी को बंबोलिम के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में छात्रों और शिक्षकों को शामिल करने वाला एक कार्यक्रम होगा।
ये भी पढ़ें बांग्लादेश: तारिक रहमान के शपथ ग्रहण में पीएम मोदी को आमंत्रण, 13 देशों के दिग्गज नेता होंगे शामिलरामदेव ने कहा, “भारतीय शिक्षा बोर्ड बच्चों को भारतीय मूल्य आधारित शिक्षा से जोड़ेगा ताकि वे बहकें नहीं। उन्हें अध्यात्म आधारित शिक्षा मिलनी चाहिए। हम छात्रों में व्यक्तित्व और नेतृत्व का निर्माण करना चाहते हैं और देखना चाहते हैं कि वे बुरी चीजों के प्रति आकर्षित न हों।”
उन्होंने लोगों से ‘सनातन संगीत महोत्सव’ में भाग लेने का आग्रह किया, जहां प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर प्रस्तुति देंगे। उन्होंने कहा, “यहां तक कि मैं भी गाता हूं और हमारे पतंजलि युवा भी गाते हैं। आप दिव्य संगीत के लिए आ सकते हैं, गा सकते हैं और नृत्य कर सकते हैं।”
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