ट्रम्प का पहला सार्वजनिक बयान- ईरान पर हमले को ठहराया सही, बोले ‘सबसे बड़ा प्रहार अभी बाकी’, ज़रूरत पड़ी तो थलसेना भी भेजेंगे
व्हाइट हाउस में दिए संबोधन में राष्ट्रपति ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बताया बड़ा खतरा, बोले- अमेरिकी सेना की कार्रवाई जारी रहेगी।
वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संयुक्त अमेरिकी-इजराइली हमलों के बाद पहली बार सार्वजनिक बयान देते हुए सैन्य कार्रवाई को सही ठहराया है। सोमवार को वाइट हाउस में दिए संबोधन में ट्रम्प ने कहा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा था। उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु और मिसाइल ठिकानों को नष्ट करने के लिए यह अब तक का सबसे अच्छा और निर्णायक अवसर है और कहा कि जरूरत पड़ी तो वह खाड़ी में थल सेना भी भेजेंगे।
उन्होंने कहा, “यह हमारे पास आखिरी और सबसे अच्छा मौका था, जिससे हम इस खतरनाक शासन से पैदा हो रहे खतरे को खत्म कर सकते थे।” ट्रम्प के मुताबिक यह जंग चार से पांच सप्ताह तक चल सकती है, हालांकि अमेरिका के पास इससे अधिक समय तक कार्रवाई करने की क्षमता भी है।
‘ईरान का खतरा खत्म करना जरूरी था’
राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान का मिसाइल कार्यक्रम उसके परमाणु हथियार कार्यक्रम को सुरक्षित रखने और आगे बढ़ाने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि यदि ईरान के पास परमाणु हथियार और लंबी दूरी की मिसाइलें होतीं, तो वह मध्य-पूर्व ही नहीं बल्कि अमेरिका के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता था।
ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका चाहता था कि यह खतरा पूरी तरह समाप्त हो और इस निर्णय में कई देशों का समर्थन भी मिला।
‘अमेरिकी सेना बड़े स्तर पर कार्रवाई कर रही’
ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी सेना ईरान में बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान ऐसे मिसाइल विकसित कर रहा था, जो अमेरिका तक पहुंच सकती थीं। उन्होंने यह भी कहा कि अतीत में हुए कई हमलों, जिनमें सड़क किनारे लगाए गए बम शामिल हैं, के पीछे ईरान का हाथ रहा है। ट्रम्प ने जंग में मारे गए चार अमेरिकी सैनिकों का भी जिक्र किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। यह बयान उन्होंने वियतनाम और अफगानिस्तान युद्ध में शहीद सैनिकों के सम्मान समारोह के दौरान दिया।
‘चेतावनी अनदेखी की गई’
पत्रकारों से बातचीत में ट्रम्प ने दावा किया कि जून में तीन ईरानी परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमलों के बाद स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि ईरान कहीं और परमाणु कार्यक्रम दोबारा शुरू न करे। उनके अनुसार, इन ठिकानों को “पूरी तरह तबाह” कर दिया गया था, लेकिन ईरान ने अपनी कोशिशें जारी रखीं। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान का बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम तेजी से बढ़ रहा था और वह यूरोप व अमेरिकी ठिकानों तक पहुंचने में सक्षम हो सकता था।
‘सबसे बड़ा हमला अभी बाकी’
इससे पहले सीएनएन को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा था कि ईरान के खिलाफ अभियान का “बिग वेव” यानी सबसे बड़ा प्रहार अभी बाकी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अभी अपनी पूरी ताकत नहीं लगाई है और आने वाले दिनों में कार्रवाई और तेज हो सकती है। व्हाइट हाउस में उन्होंने कहा, “अभियान में जितना समय लगे, ठीक है। हम करेंगे।” उन्होंने लंबे संघर्ष की अटकलों को खारिज करते हुए संकेत दिया कि अमेरिका अपने सैन्य लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।
ट्रम्प के इस बयान ने संकेत दिया है कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान फिलहाल थमने वाला नहीं है और आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
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