बिना वजह तनाव और गुस्सा है पित्त असंतुलन का संकेत, आयुर्वेद में बताए गए हैं साधारण उपाय
नई दिल्ली। बार-बार गुस्सा आना, चिड़चिड़ापन महसूस होना और तनाव महसूस होना, ये सिर्फ खराब परिस्थितियों पर ही निर्भर नहीं करता है। यह लक्षण पित्त दोष के असंतुलन के हो सकते हैं, जो हमारे भावनात्मक संवेगों को नियंत्रित करता है। आयुर्वेद में पित्त का असंतुलन शरीर को अंदर से कमजोर और मानसिक अस्थिरता लाता है जिससे तन और मन दोनों ही बेचैनी महसूस करते हैं।
इसे गुनगुने पानी के साथ किसी भी समय लिया जा सकता है, हालांकि सेवन से पहले एक बार चिकित्सक से सलाह जरूर लें। तीसरा है घी नस्य। इसमें रात के समय नाक में देसी शुद्ध घी की कुछ बूंदे डालें। ये प्रक्रिया मस्तिष्क को शांत करने में मदद करती है। अगर नाक में घी डालने में किसी तरह की परेशानी होती है, तो उंगलियों के जरिए घी को नाक के अंदर लगा सकते हैं। इसके अलावा, अभ्यंग करना भी मन और तन के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। अभ्यंग करने से तन की अग्नि शांत होती है और जलन और खुजली का कारण बनती है। इसके लिए नारियल और भृंगराज का तेल सिर पर तलवों पर लगाने से आराम मिलेगा। पित्त को शांत करने के लिए आहार में हर्बल चाय को भी शामिल कर सकते हैं। इसे बनाने के लिए कैमोमाइल, तुलसी और गुलाब को एक साथ पानी में उबालकर लें। इससे मन को असीम शांति मिलेगी।
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लेखक के बारे में
रविता ढांगे 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और डिजिटल न्यूज़ डेस्क के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत 'समाचार टुडे' से की थी, जहाँ उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों और न्यूज़ ऑपरेशन्स के बुनियादी सिद्धांतों को सीखा।
रविता ढांगे की सबसे बड़ी विशेषता उनकी मजबूत तकनीकी पृष्ठभूमि है; उन्होंने BCA, PGDCA और MCA (Master of Computer Applications) जैसी उच्च डिग्रियां प्राप्त की हैं। उनकी यह तकनीकी विशेषज्ञता ही 'रॉयल बुलेटिन' को डिजिटल रूप से सशक्त बनाती है। वर्ष 2022 से संस्थान का अभिन्न हिस्सा रहते हुए, वे न केवल खबरों के संपादन में निपुण हैं, बल्कि न्यूज़ एल्गोरिदम और डेटा मैनेजमेंट के जरिए खबरों को सही दर्शकों तक पहुँचाने में भी माहिर हैं। वे पत्रकारिता और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के बेहतरीन संगम का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिससे पोर्टल की डिजिटल रीच और विश्वसनीयता में निरंतर वृद्धि हो रही है।

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