थायराइड को बिगाड़ सकते हैं ये आहार, जानें क्या खाए और क्या नहीं
नई दिल्ली। खराब जीवनशैली की वजह से आज स्वास्थ्य से जुड़ी कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर महिलाओं में थायराइड की परेशानी ज्यादा देखी जा रही है। डॉक्टरी उपचार में थायराइड की बढ़ती या घटती संख्या को देखते हुए गोलियां खाने के लिए दे दी जाती हैं। मरीज गोलियों का सेवन तो रोज करता है लेकिन फिर भी थायराइड में किसी तरह का परिवर्तन नहीं होता।
ऐसा इसलिए क्योंकि दवाओं के साथ-साथ आहार में भी परिवर्तन लाना जरूरी है। कुछ ऐसी चीजें हैं, जिन्हें आहार में शामिल करना चाहिए और कुछ से बिल्कुल परहेज करना चाहिए। पहले बात करते हैं कि थायराइड में किन चीजों का सेवन कर सकते हैं। सब्जियों की बात करें तो इसमें लौकी, तोरी, पलवल, कद्दू गाजर, बीन्स और हरे पत्तेदार सभी सब्जियों का सेवन कर सकते हैं। यह सभी सब्जियां हल्की और सुपाच्य होती है। इसके साथ ही अनार, पपीता, सेब, नाशपाती और अमरूद जैसे फलों का सेवन कर सकते हैं। अब बात करते हैं खाद्य तेलों की। थायराइड में अच्छे तेल का इस्तेमाल करना। इसके लिए आहार में देसी घी, नारियल और सरसों का तेल शामिल कर सकते हैं। इसके साथ ही आहार में हल्की और आसानी से पचने वाली दालों को शामिल करें, जैसे मूंग की दाल, मसूर दाल और कुल्थी की दाल।
यह दालें पाचन में सरल होती हैं और शरीर में प्रोटीन की मात्रा को भी पूरा करती हैं। अब सवाल है कि क्या नहीं खाना चाहिए। कुछ खाद्य पदार्थ सीधे तौर पर थायराइड को प्रभावित करती हैं, जैसे गांठ वाली सब्जी। थायराइड में किसी की तरह की गोभी और सोयाबीन नहीं खाने की सलाह दी जाती है क्योंकि वे पाचन में भारी और कफ को बढ़ाने वाली होती हैं। बात अगर फलों की करें तो थायराइड में केला, आम, चीकू और अंगूर से परहेज करने की सलाह दी जाती है। इसके साथ ही बार-बार गर्म किया हुआ तेल, मूंगफली का तेल और रिफाइंड तेल के सेवन को भी हानिकारक माना गया है। वहीं दालों में राजमा, छोले और सोयाचंक्स खाने की मनाही है।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रविता ढांगे 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और डिजिटल न्यूज़ डेस्क के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत 'समाचार टुडे' से की थी, जहाँ उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों और न्यूज़ ऑपरेशन्स के बुनियादी सिद्धांतों को सीखा।
रविता ढांगे की सबसे बड़ी विशेषता उनकी मजबूत तकनीकी पृष्ठभूमि है; उन्होंने BCA, PGDCA और MCA (Master of Computer Applications) जैसी उच्च डिग्रियां प्राप्त की हैं। उनकी यह तकनीकी विशेषज्ञता ही 'रॉयल बुलेटिन' को डिजिटल रूप से सशक्त बनाती है। वर्ष 2022 से संस्थान का अभिन्न हिस्सा रहते हुए, वे न केवल खबरों के संपादन में निपुण हैं, बल्कि न्यूज़ एल्गोरिदम और डेटा मैनेजमेंट के जरिए खबरों को सही दर्शकों तक पहुँचाने में भी माहिर हैं। वे पत्रकारिता और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के बेहतरीन संगम का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिससे पोर्टल की डिजिटल रीच और विश्वसनीयता में निरंतर वृद्धि हो रही है।

टिप्पणियां