दिल की सेहत के लिए जरूरी है एंजियोग्राफी, जानिए क्या है यह टेस्ट और इसकी सावधानियां

On
रविता ढांगे Picture

नई दिल्ली। हमारा दिल लगातार काम करता रहता है। यह हमारे पूरे शरीर में खून पंप करता है और हमें जिंदा रखता है। जब दिल ठीक से काम करता है, तो हम स्वस्थ महसूस करते हैं, लेकिन अगर इसमें कोई परेशानी आ जाए, तो यह सीधे हमारे पूरे स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है, इसलिए दिल की बीमारियों का समय पर पता लगाना बेहद जरूरी है। आजकल डॉक्टर अक्सर एंजियोग्राफी की सलाह देते हैं, लेकिन कई लोग इस टेस्ट के बारे में नहीं जानते कि यह क्या है, कैसे होती है, और इसके बाद क्या सावधानियां बरतनी चाहिए। एंजियोग्राफी एक टेस्ट है जो हमें बताता है कि हमारे शरीर की नसें और धमनियां कितनी ठीक हैं।

अगर दिल, दिमाग या हाथ-पैर की नसों में कोई ब्लॉकेज हो रही हो, तो यह टेस्ट उसे पकड़ने में मदद करता है। जब किसी को सीने में दर्द, सांस लेने में दिक्कत या बेचैनी महसूस होती है, डॉक्टर अक्सर यही टेस्ट कराने की सलाह देते हैं। एंजियोग्राफी यह देखने का सरल तरीका है कि खून शरीर में सही तरीके से बह रहा है या नहीं। एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी अक्सर एक साथ सुने जाते हैं, लेकिन दोनों अलग चीजें हैं। एंजियोग्राफी सिर्फ एक जांच है, जो यह बताती है कि नसों या आर्टरी में कोई रुकावट है या नहीं, जबकि एंजियोप्लास्टी उस रुकावट को दूर करने का तरीका है, यानी पहले पता लगाया जाता है कि समस्या कहां है, और फिर जरूरत पड़ने पर उसका इलाज किया जाता है। इस टेस्ट में सबसे पहले डॉक्टर जिस हिस्से की नसों की जांच करना चाहते हैं, वहां एक छोटी ट्यूब, जिसे कैथेटर कहते हैं, घुसाई जाती है। यह ट्यूब पैर या हाथ में डाली जाती है। इसके जरिए एक खास तरह का रंगीन द्रव्य (डाई) नसों में भेजा जाता है।

और पढ़ें जटामांसी: बालों का झड़ना रोकने और ग्रोथ बढ़ाने की आयुर्वेदिक औषधि, जानिए फायदे

जब यह द्रव्य नसों में चलता है, एक्स-रे मशीन उसके रास्ते को कैप्चर कर लेती है। इससे डॉक्टर साफ देख सकते हैं कि खून सही तरह से बह रहा है या कहीं कोई ब्लॉकेज है। यह प्रक्रिया लगभग एक घंटे की होती है, और इसके बाद मरीज को आराम करना पड़ता है। टेस्ट खत्म होने के बाद कैथेटर हटा दिया जाता है और जिस जगह से डाला गया था, उसे बंद कर दिया जाता है। अगर एंजियोग्राफी में ब्लॉकेज पाया जाता है, तो अक्सर एंजियोप्लास्टी या स्टेंट लगाना पड़ता है। इसके बाद मरीज को कुछ खास सावधानियां बरतनी होती हैं, जैसे कि भारी वजन उठाने से बचना, शराब और धूम्रपान से दूर रहना, दवाइयां नियमित लेना, और अपने खान-पान में सुधार करना। हल्की एक्सरसाइज करना, फल-सब्जियों और हेल्दी तेल का सेवन करना, और नमक और चीनी कम करना भी जरूरी है।

और पढ़ें योग की ताकत: ओपिओइड विड्रॉल रिकवरी 4 गुना तेज, तनाव होता है दूर

संबंधित खबरें

लेखक के बारे में

नवीनतम

मुजफ्फरनगर में सोनू कश्यप के परिवार से मिले पूर्व मंत्री संजीव बालियान, बहन ने रोते हुए न्याय की गुहार लगाई

मुजफ्फरनगर। मेरठ में 5 जनवरी को हुई सोनू कश्यप की निर्मम हत्या के बाद राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हैं। पीड़ित परिवार...
Breaking News  मुज़फ़्फ़रनगर 
मुजफ्फरनगर में सोनू कश्यप के परिवार से मिले पूर्व मंत्री संजीव बालियान, बहन ने रोते हुए न्याय की गुहार लगाई

राजस्थान हाईकोर्ट : जालोर के डिस्ट्रिक जज सस्पेंड, जोधपुर रहेगा मुख्यालय

जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देश पर रजिस्ट्रार ने आदेश जारी कर जालोर के डिस्ट्रिक जज को सस्पेंड कर दिया है।...
Breaking News  देश-प्रदेश  राजस्थान 
राजस्थान हाईकोर्ट : जालोर के डिस्ट्रिक जज सस्पेंड, जोधपुर रहेगा मुख्यालय

भारत में लॉन्च हुई Mercedes की दो फ्लैगशिप कारें, EQS SUV और Maybach GLS Celebration Edition ने बढ़ाया लग्जरी का स्तर

लग्जरी कारों के शौकीनों के लिए भारत में एक बड़ी खबर सामने आई है। Mercedes-Benz ने अपनी दो फ्लैगशिप गाड़ियों...
ऑटोमोबाइल 
भारत में लॉन्च हुई Mercedes की दो फ्लैगशिप कारें, EQS SUV और Maybach GLS Celebration Edition ने बढ़ाया लग्जरी का स्तर

योगी सरकार ने बनाया निवेश व विकास का नया मॉडल, विभागों के चक्कर घटे, मंजूरियां हुईं तेज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश अब "बॉटलनेक" से "ब्रेकथ्रू" राज्य में परिवर्तित हो चुका है। राज्य सरकार ने प्रशासनिक बाधाओं, पुरानी प्रक्रियाओं...
Breaking News  मुख्य समाचार  राष्ट्रीय 
योगी सरकार ने बनाया निवेश व विकास का नया मॉडल, विभागों के चक्कर घटे, मंजूरियां हुईं तेज

इलाज इंसानों का, वार्ड चूहों का! गोंडा मेडिकल कॉलेज का ऑर्थो वार्ड बना चूहों का अड्डा

   गोंडा। मेडिकल कॉलेज के ऑर्थो वार्ड का हाल बेहद चिंताजनक है। मरीज बेड पर ऑक्सीजन के साथ लेटे हैं और...
Breaking News  उत्तर प्रदेश  लखनऊ 
इलाज इंसानों का, वार्ड चूहों का! गोंडा मेडिकल कॉलेज का ऑर्थो वार्ड बना चूहों का अड्डा

उत्तर प्रदेश

इलाज इंसानों का, वार्ड चूहों का! गोंडा मेडिकल कॉलेज का ऑर्थो वार्ड बना चूहों का अड्डा

   गोंडा। मेडिकल कॉलेज के ऑर्थो वार्ड का हाल बेहद चिंताजनक है। मरीज बेड पर ऑक्सीजन के साथ लेटे हैं और...
Breaking News  उत्तर प्रदेश  लखनऊ 
इलाज इंसानों का, वार्ड चूहों का! गोंडा मेडिकल कॉलेज का ऑर्थो वार्ड बना चूहों का अड्डा

दिल्ली–गाजियाबाद बॉर्डर पर मंत्री संजय निषाद को रोका, सुरक्षा कारण बताए गए

मेरठ। दिल्ली–गाजियाबाद बॉर्डर पर राज्य सरकार के मंत्री संजय निषाद का काफिला उस समय रुका, जब वे मेरठ में मृतक...
उत्तर प्रदेश  मेरठ 
दिल्ली–गाजियाबाद बॉर्डर पर मंत्री संजय निषाद को रोका, सुरक्षा कारण बताए गए

सहारनपुर: खेत में पलटी कार, हादसे में कार सवार दंपति और और दो बच्चे हुए घायल

सहारनपुर (मुजफ्फराबाद)। पुलिस चौकी मुजफ्फराबाद क्षेत्र के गांव फरकपुर निवादा निवासी राव मोहतरम देर रात सड़क हादसे में घायल हो...
उत्तर प्रदेश  सहारनपुर 
सहारनपुर: खेत में पलटी कार, हादसे में कार सवार दंपति और और दो बच्चे हुए घायल

बाराबंकी हैदरगढ़ मार्ग पर तेज़ रफ़्तार ई-रिक्शा पेड़ से टकराया, चालक समेत एक ही परिवार के आठ लाेग घायल

-बाराबंकी जिले के सतरिख थाना क्षेत्र में हुआ हादसाबाराबंकी। उत्तर प्रदेश के जनपद बाराबंकी के सतरिख थाना क्षेत्र के...
Breaking News  उत्तर प्रदेश  लखनऊ 
बाराबंकी हैदरगढ़ मार्ग पर तेज़ रफ़्तार ई-रिक्शा पेड़ से टकराया, चालक समेत एक ही परिवार के आठ लाेग घायल