मुज़फ्फरनगर। खतौली क्षेत्र के गांव अंतवाड़ा निवासी शिवी स्वामी ने अपने जीवन के सबसे दर्दनाक अनुभव को शब्दों में ढालते हुए एक पुस्तक लिखी है। उन्होंने अपने और अपने पति स्वर्गीय आशीष स्वामी के नाम को जोड़कर पुस्तक का नाम रखा है ‘आशिवी – शहीद से एक पत्नी की शिकायत’। यह पुस्तक एक सैनिक की पत्नी के संघर्ष, पीड़ा और समाज में सैनिकों के प्रति दृष्टिकोण पर सवाल उठाती है।
शिवी स्वामी ने बताया कि उनके पति आशीष स्वामी 58वीं राष्ट्रीय राइफल बटालियन में जम्मू-कश्मीर में तैनात थे। विवाह के मात्र पांच महीने बाद वे पहली बार अवकाश पर घर आए थे। केवल बीस दिन का साथ नसीब हुआ और उसके बाद मुज़फ्फरनगर जाते समय सड़क दुर्घटना में आशीष स्वामी की मृत्यु हो गई। इस हादसे ने शिवी स्वामी का पूरा जीवन बदल कर रख दिया।
ये भी पढ़ें मुजफ्फरनगर के छपार में पुलिस दबोचा कुकर्म का आरोपी, पुलिस से मुठभेड़ में पैर में गोली लगने घायलउन्होंने बताया कि लंबे मानसिक संघर्ष और दर्द के दौर से गुजरने के बाद उन्होंने अपने अनुभवों को पुस्तक के रूप में सामने लाने का निर्णय लिया। शिवी का कहना है कि जब कोई सैनिक सीमा पर या ड्यूटी के दौरान शहीद होता है तो उसकी देशभक्ति को सम्मान मिलता है, लेकिन सड़क दुर्घटना या अन्य परिस्थितियों में शहीद हुए सैनिकों की देशभक्ति को अक्सर समाज और प्रशासन की नजरों में वह स्थान नहीं मिल पाता।
ये भी पढ़ें मुज़फ्फरनगर के छपार टोल प्लाजा पर नशे में धुत कर्मचारी ने शिफ्ट इंचार्ज को दी जान से मारने की धमकीपुस्तक में पति के साथ बिताए सीमित लेकिन भावनात्मक पलों, अचानक आई त्रासदी और एक युवा पत्नी के संघर्ष को बेहद संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया गया है। शिवी स्वामी की इस पुस्तक को पढ़ने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने उनके लेखन और साहस की सराहना की। उन्होंने पुलिस लाइन की लाइब्रेरी के लिए पुस्तक की दस प्रतियां भी खरीदीं। एसएसपी ने कहा कि यह पुस्तक पुलिसकर्मियों और पाठकों को सैनिकों के जीवन, उनके त्याग और उनके परिवारों के संघर्ष को समझने में मदद करेगी।
शिवी स्वामी ने कहा कि उनकी पुस्तक का उद्देश्य यही है कि किसी भी सैनिक की देशभक्ति, चाहे वह सीमा पर शहीद हो या किसी सड़क हादसे में, हमेशा सम्मानित की जाए और उसे भुलाया न जाए।

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