मुजफ्फरनगर में बैंकों की ढिलाई पर बिफरे एमपी और डीएम, योजनाओं में सुस्ती पर जताई नाराजगी

मुजफ्फरनगर। जिला पंचायत सभागार में शुक्रवार को सांसद हरेंद्र मलिक और जिलाधिकारी उमेश मिश्रा की संयुक्त अध्यक्षता में जिला सलाहकार समिति (DCC) एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बैंकों के प्रदर्शन, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई।
ये भी पढ़ें मुजफ्फरनगर: पुरा महादेव कांवड़ मार्ग की बदहाली पर फूटा गुस्सा, चौड़ीकरण न होने पर आंदोलन का एलानसांसद हरेंद्र मलिक ने बैंक अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि पीएम सूर्यघर योजना और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत आने वाले किसी भी आवेदन को लंबित न रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पात्र लाभार्थियों को समय पर योजनाओं का लाभ दिलाना बैंकों की जिम्मेदारी है।
वहीं जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने इन योजनाओं तथा स्वयं सहायता समूहों की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने सभी बैंक जिला समन्वयकों को चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द सुधार न होने पर संबंधित बैंकों के चेयरमैन को प्रशासन की ओर से पत्र भेजकर जवाबदेही तय की जाएगी।
मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमलकिशोर देशभूषण ने स्वयं सहायता समूहों को दी जा रही कैश क्रेडिट लिमिट (CCL) की समीक्षा करते हुए बैंकों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक समूहों को वित्तीय सहायता देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए।
बैठक का संचालन अग्रणी जिला प्रबंधक अनिल कुमार सिंह ने किया, जबकि पंजाब नेशनल बैंक के मंडल प्रमुख राजेंद्र पॉल ने अतिथियों का स्वागत किया।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि और जिला समन्वयक मौजूद रहे।
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