भोकरहेड़ी में ढोल-मंजीरों की थाप पर गूंजे महाभारत के किस्से, बुजुर्गों ने संजोई लोक परंपरा
होली महोत्सव में युवाओं को दिया नशा मुक्ति का मंत्र
मोरना/भोकरहेड़ी। कस्बा भोकरहेड़ी स्थित नेहरू चौक और ब्रह्मचारी मंदिर परिसर में होली महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस उत्सव में न केवल स्थानीय निवासी, बल्कि दूर-दराज के गांवों से आए लोगों ने भी भारी उत्साह के साथ शिरकत की। आधुनिकता के दौर में लुप्त होती लोक परंपराओं को जीवंत करते हुए बुजुर्ग कलाकारों ने पौराणिक और ऐतिहासिक किस्सों का सस्वर गायन किया।
82 वर्षीय बुजुर्ग ने बांधा समां
होली मिलन समारोह में निपुण बुजुर्गों कलाकारों ने महाभारत काल सहित अन्य प्राचीन किस्सों का गायन ढ़ोल मंजीरो की थाप के साथ किया। इसका मुख्य आकर्षण बागपत के धनोरा गांव से आए 82 वर्षीय बुजुर्ग कलाकार चौधरी जगबीर सिंह रहे। उन्होंने महाभारत कालीन 'लाक्षाग्रह' के प्रसंग को सुनाते हुए जब स्वर छेड़ा— 'एक कथा वर्णन करूँ सुनियो मन लगाये, बरनावा पुरी के बीच मे दिया कैरों ने भवन बनाये'—तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इसके बाद सीता वनवास के मार्मिक प्रसंगों ने श्रोताओं को भावुक कर दिया। दोघट से आए 70 वर्षीय फूल सिंह ने चौमासे और प्रकृति के वर्णन वाले लोक गीतों से ग्रामीण परिवेश की सुंदरता का बखान करते हुए कुछ यूं कहा—'नगरी दूर समय चौमासा,नदी नाले करे रे जोर, चारो तरफा बिजली चमके, बादल करे गगन मे शोर, मार्ग दिशा समझ मेरी बहन या तो मुझसे नहीं झिलेगी'। प्रसिद्ध गायक रामपाल सिंह ने बताया कि भोकरहेड़ी में पिछले तीन वर्षों से होली गायन की यह विशेष परंपरा निरंतर जारी है, जो युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ रही है।
भाईचारे और नशा मुक्ति का संकल्प
कार्यक्रम में पहुंचे जाट महासभा के पदाधिकारियों ने सामाजिक सरोकार पर जोर दिया। महासभा के महामंत्री चौधरी संतोष वर्मा ने कहा कि बुजुर्गों द्वारा आज भी हमारी प्राचीन सभ्यता को जीवित रखा जा रहा है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे जैसी कुरीतियों को त्यागकर रंगों के इस त्योहार को आपसी प्रेम और सद्भाव के साथ मनाएं। निपुण बुजुर्गों कलाकारों ने महाभारत काल सहित अन्य प्राचीन किस्सों का गायन ढ़ोल मंजीरो की थाप के साथ किया। जाट महासभा के पदाधिकारियो द्वारा आपसी भाई चारे व नशा मुक्ति का संदेश दिया।ग्रामीणों ने एक दूसरे को गुलाल लगाकर मिठाई भी खिलाई गई।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
उत्सव के दौरान जाट महासभा के पदाधिकारियो द्वारा आपसी भाई चारे व नशा मुक्ति का संदेश दिया। ग्रामीणों ने एक दूसरे को गुलाल लगाकर मिठाई भी खिलाई गई। ढोल-मंजीरों पर संगत देने वालों में कंवरपाल सिंह, जयपाल सिंह, डॉ. चंद्रपाल सिंह, और नवनीत सहित कई युवा शामिल रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से युद्धवीर सिंह, श्याम पाल सिंह, ओमपाल सिंह घटायन, धर्मवीर सिंह मलिक, प्रकाशवीर प्रधान, और बिजेंद्र लंबरदार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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पत्रकार नरेंद्र बालियान पिछले 6 वर्षों से मुज़फ्फरनगर के भोपा, मोरना और ककरौली क्षेत्र में 'रॉयल बुलेटिन' के प्रतिनिधि के रूप में निरंतर सक्रिय हैं। क्षेत्र की भौगोलिक और सामाजिक स्थितियों की गहरी समझ रखने वाले नरेंद्र बालियान ग्रामीण समस्याओं और विकास कार्यों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं। पिछले 6 सालों में उन्होंने अपनी निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से भोपा-मोरना क्षेत्र की जनता और प्रशासन के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य किया है। क्षेत्र की खबरों और सूचनाओं के लिए आप उनसे मोबाइल नंबर 7906131417 पर संपर्क कर सकते हैं।

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