सुल्तानपुर में भावुक हुए राहुल गांधी.. रामचेत की जूते की दुकान पर पहुंचे, बेटे व पोती से की मुलाकात
सुलतानपुर। उत्तर प्रदेश के जिला सुलतानपुर की एमपी एमएलए काेर्ट में बयान दर्ज कराने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी स्व. रामचेत की मोची की दुकान पर रुके। यहां उन्होंने रामचेत के पुत्र राघव राम से मुलाक़ात की और वहां कुर्सी पर बैठी रामचेत की पोती को गोद में बैठाकर प्यार दुलार दिया।
दरअसल, एक साल पहले लाेकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रामचेत की दुकान पर बैठकर जूते सिले थे। रामचेत की तीन महीने पहले कैंसर से मौत हो गई हाे चुकी है। आज राहुल गांधी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर अपमानजनक टिप्पणी के मामले में एक मानहानि के केस में सुलतानपुर की एमपी एमएलए कोर्ट में बयान दर्ज कराने पहुंचे थे।कोर्ट से वापस जाते समय कूरेभार थाना क्षेत्र के विधायक नगर चौराहे पर राहुल गांधी का काफ़िला एकाएक रुका था । यहां राम चेत की माेची के काम की दुकान पर पहुंचे थे। दुकान पर राहुल गांधी ने रामचेत के पुत्र राघव राम से मिले और बातचीत की। इस दाैरान राहुल गांधी ने राघव की पुत्री काे गाेद में बैठाकर दुलार किया। इसके बाद राहुल लखनऊ के लिए रवाना हाे गए।
राहुल गांधी के वकील के मुताबिक कांग्रेस सांसद ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया और इस केस काे राजनीतिक दुर्भावना के तहत दर्ज कराना बताया। उन्हाेंने कहा कि इसमें कोई ठोस आधार नहीं है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी लगभग 25 मिनट तक कोर्ट में रहे। कोर्ट में मौजूद वकीलों के अनुसार कोर्ट पहुंचने पर राहुल ने जज को हाथ जोड़कर प्रणाम किया और अपना बयान दर्ज कराया। सुनवाई पूरी होने के बाद राहुल ने जज को मुस्कुराते हुए धन्यवाद भी कहा। इस मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

टिप्पणियां