शामली में तिरंगे के कथित अपमान के मामले को लेकर ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे, निष्पक्ष जांच की मांग
शामली। एलम कस्बे में बाईपास तिराहे पर हुए धरना प्रदर्शन के दौरान तिरंगे के कथित अपमान के मामले को लेकर ग्रामीणों में रोष देखने को मिल रहा है। मंगलवार को एलम की पूर्व चेयरमैन दीपा पंवार के नेतृत्व में गांव के संभ्रांत लोग शामली कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी से मुलाकात कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
बताया गया कि करीब 11 दिन पहले एलम कस्बे में आबादी के बीच से हाईटेंशन लाइन ले जाने के विरोध में ग्रामीणों ने बाईपास तिराहे पर धरना प्रदर्शन शुरू किया था। यह धरना करीब नौ दिनों तक चला, जिसके बाद प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सहमति बनी कि हाईटेंशन लाइन को आबादी से बाहर से संबंधित प्लांट तक ले जाया जाएगा। इसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया था।
धरना खत्म होने के कुछ दिनों बाद एलम के ही एक व्यक्ति ने शामली कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरना प्रदर्शन के दौरान तिरंगे के अपमान का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से शिकायत की थी। इसी शिकायत के आधार पर कार्रवाई की बात सामने आने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई।
पूर्व चेयरमैन दीपा पंवार ने कहा कि बिना किसी जांच के केवल शिकायत के आधार पर पांच लोगों को कार्रवाई के लिए चिन्हित किए जाने की जानकारी मिली है, जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि गांव के निर्दोष लोगों को राजनीति के चलते फंसाने की कोशिश की जा रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि सीसीटीवी फुटेज की जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए और निष्पक्ष जांच के बाद ही कोई कार्रवाई की जाए, ताकि निर्दोष लोगों को परेशान न किया जाए।
