आईजीआरएस की समीक्षा में सख्ती, लापरवाही पर अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश
जौनपुर। यूपी के जौनपुर में जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने शुक्रवार रात कलेक्ट्रेट सभागार में आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा करते हुए लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ा रुख अपनाया। बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि जन शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।समीक्षा में पाया गया कि कुछ अधिकारियों ने शिकायतों की समुचित जांच किए बिना और शिकायतकर्ताओं से संपर्क स्थापित किए बिना ही प्रकरणों का निस्तारण कर उन्हें ‘स्पेशल क्लोज’ कर दिया।
ये भी पढ़ें मुजफ्फरनगर में विहान शोरूम मालिक की कोठी के स्विमिंग पूल में मिला चौकीदार का शव, फैली सनसनीइस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने उपजिलाधिकारी सदर, उपनिदेशक कृषि, अधिशासी अभियंता विद्युत, समस्त तहसीलदारों सहित संबंधित अधिकारियों का चालू माह का वेतन रोकने के निर्देश जारी किए।जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण, तथ्यपरक और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता से आवश्यकतानुसार संपर्क कर वास्तविक स्थिति का सत्यापन करने के बाद ही रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड की जाए।
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उन्होंने चेतावनी दी कि बिना समुचित परीक्षण के शिकायतों का निस्तारण करना शासन की मंशा के विपरीत है। भविष्य में ऐसी लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध उत्तरदायित्व तय कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया, अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) परमानंद झा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि जनसमस्याओं का त्वरित एवं संतोषजनक समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी अधिकारी पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करें।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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