जिला पुस्तकालयों की जिलाधिकारी ने की समीक्षा , जीआईसी परिसर में बनेगी मॉडल लाइब्रेरी
उरई। उत्तर प्रदेश के जनपद जालाैन के जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पुस्तकालय समिति की बैठक की गई। इसमें जिले में सार्वजनिक पुस्तकालयों के सुदृढ़ीकरण, संसाधनों के बेहतर उपयोग और पाठकों में पठन संस्कृति के विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित किया कि जीआईसी परिसर में स्थित जर्जर भवन का नियमानुसार ध्वस्तीकरण (डिमोलेशन) कराया जाए तथा उसी स्थान पर कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से एक आधुनिक मॉडल लाइब्रेरी का निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि यह मॉडल लाइब्रेरी जनपद के युवाओं के लिए ज्ञान का प्रमुख केंद्र बनेगी। जिलाधिकारी ने राजकीय जिला पुस्तकालय की वार्षिक विकास योजना के निर्धारण एवं प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि पुस्तकालय को आधुनिक स्वरूप प्रदान किया जाए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राजकीय जिला पुस्तकालय को एक सक्रिय सामाजिक एवं बौद्धिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां विद्यार्थियों, प्रतियोगी अभ्यर्थियों एवं आम नागरिकों को अध्ययन के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध हो सके। जिले के सभी अधिकृत सार्वजनिक पुस्तकालयों के निरीक्षण, आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही तथा पठन अभिरुचि बढ़ाने हेतु विशेष योजनाएं तैयार करने का भी निर्णय लिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि पुस्तकालय केवल पुस्तकों का भंडार न होकर समाज के बौद्धिक विकास का केंद्र होना चाहिए और जनपद में पुस्तकालय व्यवस्था को नई पहचान दिलाई जाएगी। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी निशांत पांडे, जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार पंडित, जिला पंचायत राज अधिकारी राम अयोध्या प्रसाद, आदि सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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