यूपी में LPG संकट! सिलेंडर के लिए लंबी लाइनें, अयोध्या की ‘राम रसोई’ भी हुई बंद
गोरखपुर और श्रावस्ती में गैस एजेंसी के बाहर विवाद , धक्का-मुक्की में महिला बेहोश
अयोध्या। उत्तर प्रदेश से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां रसोई गैस यानी LPG की भारी किल्लत देखने को मिल रही है।
हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों को बुकिंग के 4 से 5 दिन बाद भी गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे।
इस संकट का असर अब धार्मिक और सामाजिक संस्थानों तक पहुंच गया है।
राम नगरी Ayodhya में चलने वाली प्रसिद्ध राम रसोई को भी गैस की कमी के कारण बंद करना पड़ा है।
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के कई जिलों में गैस सिलेंडरों की सप्लाई कम हो गई है।
इसके चलते गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
कई जगहों पर लोग सुबह 3 बजे से ही सिलेंडर लेकर लाइन में लग रहे हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पा रहा।
स्थिति इतनी खराब हो गई कि गोरखपुर और सिद्धार्थनगर में सिलेंडर वितरण के दौरान पुलिस की मौजूदगी में गैस बांटी जा रही है।
इसी बीच गोरखपुर में गैस एजेंसी के बाहर विवाद भी हो गया।
लाइन के बीच एक युवक सिलेंडर लेकर घुसने लगा। जब दूसरे युवक ने इसका विरोध किया तो दोनों के बीच जमकर मारपीट शुरू हो गई।
पुलिसकर्मियों के सामने ही दोनों ने एक-दूसरे पर लात-घूंसे बरसाए।
बाद में पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया।
वही श्रावस्ती में घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर ऐजेंसी के बाहर जमकर भीड़ लगी थी. एक महिला भी सुबह से लाइन में थी. धक्का-मुक्की में वह गिरी और बेहोश हो गयी. प्राथमिक उपचार से उसे होश में लाया गया
गैस की कमी का असर अयोध्या में चलने वाली राम रसोई पर भी पड़ा है।
बताया जा रहा है कि पिछले 8 साल में यह पहला मौका है, जब गैस की किल्लत के कारण राम रसोई को बंद करना पड़ा है।
राम रसोई में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराया जाता था।
इस पूरे मामले पर Yogi Adityanath ने सख्त रुख अपनाया है।
सीएम योगी ने साफ कहा है कि गैस और तेल की कालाबाजारी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि गैस की किल्लत को लेकर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी डीएम और एसपी को स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक तेल कंपनियों ने घटते स्टॉक को देखते हुए कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई पर अघोषित रोक लगा दी है।
गैस एजेंसियों को फिलहाल निर्देश दिए गए हैं कि वे घरेलू सिलेंडरों की सप्लाई पर ज्यादा ध्यान दें।
इसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों पर पड़ रहा है, जिन्हें कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल पा रहे।
उत्तर प्रदेश में इस समय लगभग 4.26 करोड़ घरेलू LPG कनेक्शन हैं।
इनमें से करीब 1.87 करोड़ कनेक्शन उज्ज्वला योजना के तहत दिए गए हैं।
प्रदेश में हर दिन औसतन 5 से 6 लाख गैस सिलेंडरों की खपत होती है।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर गैस की यह किल्लत कब तक दूर होगी।
क्या जल्द ही लोगों को राहत मिलेगी या फिर सिलेंडर के लिए इसी तरह लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ेगा?
फिलहाल पूरे प्रदेश में प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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