कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित नजरबंद, विधानसभा घेराव से पहले प्रशासन की कार्रवाई
बांदा। उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित को मनरेगा बचाओ आंदोलन के तहत लखनऊ में प्रस्तावित विधानसभा घेराव कार्यक्रम से पहले ही प्रशासन ने नजरबंद कर लिया। यह कार्रवाई मंगलवार को सुबह की गई। राजेश दीक्षित ने बताया कि उनके घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया गया, जिससे वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने इस कदम को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। दीक्षित ने कहा कि मनरेगा योजना ग्रामीण गरीबों और मजदूरों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, ऐसे में उनकी आवाज को दबाना चिंता का विषय है।
उन्होंने जानकारी दी कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने 17 फरवरी को विधानसभा घेराव का आह्वान किया था, जिसके तहत बांदा से कई कार्यकर्ता लखनऊ जाने की तैयारी में थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मजदूरों को उनका हक दिलाने तक यह आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और असहमति कोई अपराध नहीं, बल्कि व्यवस्था को मजबूत करने का जरिया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि अधिकार और सम्मान की है। उन्होंने भरोसा जताया कि हाउस अरेस्ट जैसी कार्रवाई उनके संकल्प को कमजोर नहीं कर सकती और वे आगे भी शांतिपूर्ण व संवैधानिक तरीके से जनता की आवाज उठाते रहेंगे।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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