लखनऊ में बवाल: पल्लवी के बाल पकड़कर पुलिस ने गाड़ी में ठूसा, विधानसभा कूच के दौरान जबरदस्त झड़प
UGC रेगुलेशन लागू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन; पुलिसिया कार्रवाई पर उठे सवाल, माहौल तनावपूर्ण
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की सड़कें आज एक बार फिर आंदोलन और पुलिसिया कार्रवाई की गवाह बनीं। अपनी मांगों को लेकर विधानसभा कूच कर रही पल्लवी और उनके साथ आए प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया। इस दौरान पुलिस की बर्बरता का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक महिला पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारी पल्लवी को बाल पकड़कर जबरन खींचती और गाड़ी में डालती नजर आ रही है।
क्या है पूरा मामला?
प्रदर्शनकारी शिक्षक और अभ्यर्थी UGC (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन) रेगुलेशन को पूर्णतः लागू करने की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलनरत हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार उनकी मांगों को अनसुना कर रही है। इसी के विरोध में आज भारी संख्या में लोगों ने विधानसभा का घेराव करने के लिए मार्च निकाला था।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की
जैसे ही प्रदर्शनकारी विधानसभा के करीब पहुंचे, भारी संख्या में तैनात पुलिस बल ने उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर रोक लिया। जब प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस और उनके बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शुरू कर दिया।
कार्रवाई के तरीके पर उठे सवाल
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं पल्लवी को हिरासत में लेने के दौरान जिस तरह का व्यवहार पुलिस ने किया, उसे लेकर अब सरकार और प्रशासन की आलोचना हो रही है।
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सोशल मीडिया पर नाराजगी: बाल पकड़कर खींचने वाले वीडियो को लेकर विपक्षी दलों ने भी सरकार को घेरा है।
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आरोप: प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शांतिपूर्ण मार्च पर लाठियां भांजी गईं और महिला प्रदर्शनकारियों के साथ अभद्रता की गई।
पुलिस का पक्ष
वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश की और यातायात बाधित किया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेजा गया है।
"हम केवल अपना हक मांग रहे थे, लेकिन यूपी पुलिस ने अपराधियों जैसा सलूक किया। बाल पकड़कर खींचना और मारपीट करना क्या यही लोकतंत्र है?" — प्रदर्शनकारी शिक्षक
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