लखनऊ में जलाई गई रामचरितमानस की प्रतियां, स्वामी प्रसाद मौर्या के समर्थन में उतरी ओबीसी महासभा
लखनऊ- सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के रामचरितमानस पर दिए गए विवादित बयान पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। जहां एक ओर रविवार को मौर्य ने अपना बयान वापस लेने से इंकार कर दिया, दूसरी ओर उनके समर्थन में अब अखिल भारतीय ओबीसी महासभा उतर गया है। उसने लखनऊ के पीजीआई के […]
लखनऊ- सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के रामचरितमानस पर दिए गए विवादित बयान पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है।
उसने लखनऊ के पीजीआई के वृंदावन योजना में रामचरितमानस की प्रतियां जलाकर इस विवाद को और हवा दे दी है। पुलिस फिलहाल इस बारे में जानकारी जुटा रही है।
बताया जा रहा है कि आरोपियों की पहचान कर जल्द ही उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जा सकती है।
ये भी पढ़ें ग्रेटर नोएडा: अमरपुर में 'गरजा' प्राधिकरण का बुलडोजर; 10 करोड़ की सरकारी जमीन से हटाया अवैध कब्जापीजीआई थाना इलाके के वृंदावन योजना इलाके में रामचरितमानस की प्रतियां के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है. पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए अलर्ट हो गई है ,
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लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
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