यूपी में शिक्षामित्रों को अब 18 हजार और अनुदेशकों को मिलेंगे 17 हजार रुपये; 9.12 लाख करोड़ का बजट पास, सपा पर बरसे योगी- बोले 'बीमारू' से 'टॉप-3' में आया यूपी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के लाखों शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को बड़ी सौगात दी है। सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आगामी 1 अप्रैल से शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 18,000 रुपये और अनुदेशकों का मानदेय 17,000 रुपये कर दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें 5 लाख रुपये के कैशलेस इलाज की सुविधा भी मिलेगी। मुख्यमंत्री ने 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट को ऐतिहासिक करार देते हुए इसे प्रदेश के विकास का रोडमैप बताया। बजट पारित होने के साथ ही सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के दौरान समाजवादी पार्टी पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि सपा शासनकाल में उत्तर प्रदेश एक 'बीमारू' राज्य बन गया था, जहाँ निवेश शून्य था, लेकिन पिछले पौने नौ वर्षों में डबल इंजन सरकार के प्रयासों से यूपी देश की अर्थव्यवस्था में 'बॉटम थ्री' से निकलकर 'टॉप थ्री' राज्यों में शामिल हो गया है। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय द्वारा आंकड़ों पर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का वित्तीय प्रबंधन इतना पारदर्शी है कि आज हर बैंक उत्तर प्रदेश पर भरोसा करता है। उन्होंने बताया कि सपा सरकार में प्रति व्यक्ति आय मात्र 43 हजार थी, जो इस वर्ष 1.20 लाख रुपये को पार कर जाएगी।
युवाओं और महिलाओं के लिए नई योजनाओं की बौछार
योगी आदित्यनाथ ने सदन में डिजिटल एंटरप्रेन्योर योजना की घोषणा की, जिसके तहत गांवों में 8 हजार डिजिटल उद्यमी तैयार किए जाएंगे, जिसमें 50% आरक्षण महिलाओं के लिए होगा। उन्होंने 'शी मार्ट' की तर्ज पर प्रदेश में 'महिला उद्यमी उत्पाद विपणन केंद्र' स्थापित करने का भी ऐलान किया, ताकि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी एक करोड़ महिलाओं के उत्पादों को न्याय पंचायत स्तर पर बाजार मिल सके। इसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। युवाओं के लिए ब्याज मुक्त लोन और एआई (AI) टूल मुफ्त उपलब्ध कराने की योजना का भी मुख्यमंत्री ने विस्तार से उल्लेख किया।
स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि इंसेफेलाइटिस जैसी घातक बीमारियों का यूपी से उन्मूलन हो चुका है और अब सरकार का ध्यान मातृ व शिशु मृत्यु दर को कम करने पर है। इसके लिए 60 लाख सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने हेतु 1000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। शिक्षा के क्षेत्र में सुधार गिनाते हुए उन्होंने कहा कि ड्रॉप आउट रेट 6% से घटकर 0.3% पर आ गया है। अब प्रदेश की हर न्याय पंचायत में 12वीं तक के कंपोजिट विद्यालय बनाए जाएंगे। अंत में मुख्यमंत्री ने बजट चर्चा में भाग लेने वाले सत्ता पक्ष के 109 और विपक्ष के 58 सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए इसे स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा का हिस्सा बताया।
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