मेरठ/लखनऊ: विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 में 3.23 करोड़ से अधिक मतदाता नोटिस निर्गत
मेरठ/लखनऊ। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के तहत जारी किए गए नोटिसों पर सुनवाई प्रक्रिया तेज हो गई है। ये जानकारी प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने देते हुए बताया कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के अंतर्गत मतदाता सूची को त्रुटिरहित, अद्यतन एवं पारदर्शी बनाने की कार्यवाही प्रक्रिया तेजी से जारी है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 6 जनवरी, 2026 को प्रकाशित आलेख्य मतदाता सूची में नो मैपिंग से संबंधित 1 करोड़ 04 लाख मतदाता तथा तार्किक विसंगतियों से संबंधित 2 करोड़ 22 लाख मतदाता सहित कुल 3 करोड़ 26 लाख मतदाताओं को नोटिस निर्गत किया जाना है। जिसके क्रम में अब तक कुल 3 करोड़ 23 लाख नोटिस निर्गत किये जा चुके हैं। निर्गत किये गये नोटिसों में से लगभग 1 करोड़ 58 लाख से अधिक नोटिस संबंधित मतदाताओं को बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा प्राप्त कराये जा चुके हैं। मतदाताओं को प्राप्त कराये गये नोटिसों में से अब तक लगभग 90 लाख नोटिसों पर अधिसूचित अधिकारियों द्वारा सुनवायी भी की जा चुकी है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से सम्पन्न कराने एवं मतदाताओं की सुविधा के लिए प्रदेश में नोटिसों की सुनवायी हेतु कुल 13 हजार 161 अधिकारी नियुक्त है, जिसमें 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) तथा 12 हजार 758 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (एईआरओ) नियुक्त हैं। उन्होनें बताया कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के प्रारंभ में प्रदेश में 2042 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (एईआरओ) नियुक्त थे। इसके पश्चात क्रमिक रूप से अधिसूचना दिनांक 30.12.2025 द्वारा 6,948 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा अधिसूचना दिनांक 13.02.2026 द्वारा 3,768 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अतिरिक्त रूप से नियुक्त किये गये हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि विगत एसआईआर 2003 से मैपिंग न होने के कारण 1.04 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। ऐसे मतदाताओं को सुनवाई के दौरान भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित जन्मतिथि और/या जन्म स्थान को प्रमाणित करने वाले साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे। इसके अतिरिक्त, तार्किक विसंगतियों वाले 2.22 करोड़ मतदाताओं को भी नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इन मतदाताओं को केवल संबंधी से सम्बन्धित अभिलेख प्रस्तुत करने की आवश्यकता होगी। मतदाता सुनवाई के दौरान स्वयं उपस्थित होकर अथवा अपने अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से निर्धारित अभिलेख प्रस्तुत कर सकते हैं।
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