इलाहाबाद हाईकोर्ट में अहम सुनवाई, डीएम-एसएसपी पेश नहीं हुए तो जारी होगा गैर जमानती वारंट
बरेली के एक घर के अंदर सामूहिक नमाज पढ़ने के मामले में कोर्ट में पेश होना है

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट में बरेली के एक घर के अंदर सामूहिक नमाज पढ़ने के मामले में सोमवार को अहम सुनवाई होने वाली है। इस मामले में बरेली के डीएम और एसएसपी को सोमवार को कोर्ट में पेश होना है। पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने साफ तौर पर दोनों अधिकारियों को उपस्थित होने का आदेश दिया था। कोर्ट ने चेतावनी भी दी है कि अगर 23 मार्च को वे पेश नहीं हुए, तो उनके खिलाफ एनबीडब्ल्यू (गैर-जमानती वारंट) जारी किया जाएगा। दरअसल, यह मामला याची तारिक खान की याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि उनके घर में सामूहिक नमाज़ पढ़ने के दौरान पुलिस ने रोकटोक की और बाद में नमाज अदा कर रहे लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
ये भी पढ़ें तेज़ आंधी बारिश ने किसानों के अरमानों पर फेरे पानी,सैकड़ों एकड़ में लगे मकई के पौधे हुए जमींदोजयाचिकाकर्ता तारिक खान का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई गैरकानूनी और असंवैधानिक थी। हाईकोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि किसी भी निजी परिसर में प्रार्थना के लिए प्रशासनिक अनुमति की जरूरत नहीं है। इसके बावजूद, याची और अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। हाईकोर्ट ने पूरे प्रकरण को अपने आदेश की अवहेलना मानते हुए पुलिस के रवैये पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि प्रशासनिक अधिकारियों को अदालत के आदेश का पालन करना अनिवार्य है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई में बरेली के डीएम और एसएसपी को 23 मार्च को अदालत में पेश होने को कहा था।
यदि आज दोनों अधिकारी कोर्ट में नहीं पेश होते हैं, तो कोर्ट उनके खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए गैर-जमानती वारंट कर सकता है। गौरतलब है कि बरेली में जुमे के दिन एक निजी मकान में मुस्लिम समुदाय के लोग इक्ट्ठा होकर नमाज अदा कर रहे थे। एक हिंदू संगठन ने इसकी शिकायत पुलिस में कर दी, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर नमाजियों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि किसी निजी जगह पर एकत्र होकर नमाज पढ़ने वाले लोगों पर कार्रवाई नहीं की जा सकती।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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