सहारनपुर में कृषि शिक्षा की नई उड़ान: मां शाकुम्बरी विश्वविद्यालय बनेगा 'बागवानी महाविद्यालय'
औद्यानिक केंद्र को आधुनिक महाविद्यालय के रुप में विकसित करने की पहल
सहारनपुर। मां शाकुम्बरी विश्वविद्यालय अब अपने शैक्षणिक विस्तार की ओर एक बड़ा कदम बढ़ाने जा रहा है। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर डा. विमला वाई ने सहारनपुर स्थित 'औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र' को एक पूर्ण विकसित 'बागवानी महाविद्यालय' के रूप में परिवर्तित करने की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। इस संबंध में कुलपति ने शासन को औपचारिक प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया है।
इस महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत स्थानीय वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व मंत्री संजय गर्ग के प्रस्ताव से हुई। संजय गर्ग ने कुलपति से मुलाकात कर उन्हें इस केंद्र की क्षमता और उपयोगिता से अवगत कराया। कुलपति ने इस मांग को न केवल जायज माना, बल्कि इसे क्षेत्र के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अपने स्तर पर इस प्रस्ताव को हकीकत में बदलने के लिए गंभीर प्रयास करेगा।
अनुसंधान का बनेगा केंद्र
संजय गर्ग ने बताया कि वर्ष 1950 में स्थापित यह केंद्र लगभग 154.6 एकड़ में फैला है। इसमें 75 एकड़ क्षेत्र में 2750 से अधिक वनस्पतिक/मातृ वृक्षों का दुर्लभ जर्म प्लाजमा मौजूद है। परिसर में सिंचाई की आधुनिक व्यवस्था, छात्रावास, अतिथिगृह और 11 किलोमीटर का सड़क नेटवर्क पहले से ही स्थापित है। इस बुनियादी ढांचे का उपयोग शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए करना राज्य सरकार की ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण की नीति को नई दिशा देगा।
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सहारनपुर का भौगोलिक क्षेत्र आम, लीची, अमरूद, पुष्प और सब्जी उत्पादन के लिए अत्यंत उर्वर है। कुलपति डा. विमला वाई ने कहा कि इस महाविद्यालय के बनने से स्थानीय युवाओं को गुणवत्तापूर्ण कृषि शिक्षा मिलेगी। साथ ही, विश्वविद्यालय परिसर में आधुनिक प्रयोगशालाएं, डेमो फार्म और नर्सरी विकसित करने की योजना है, जिसका सीधा लाभ क्षेत्र के किसानों को मिलेगा। उन्हें आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक खेती के गुर सीखने का मौका मिलेगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित हो सकेगी।
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लेखक के बारे में
गौरव सिंघल सहारनपुर के एक अनुभवी और प्रतिष्ठित पत्रकार हैं, जो पिछले 18 वर्षों (2007 से) से मीडिया जगत में सक्रिय हैं। पत्रकारिता की बारीकियां उन्होंने विरासत में अपने पिता के मार्गदर्शन में 'अमर उजाला' और 'हिन्दुस्तान' जैसे संस्थानों से सीखीं।
अपने लंबे करियर में उन्होंने इंडिया टुडे (फोटो जर्नलिस्ट), शुक्रवार, इतवार, दैनिक संवाद और यूपी बुलेटिन जैसे दर्जनों प्रतिष्ठित समाचार पत्रों व पत्रिकाओं में अपनी सेवाएं दीं। लेखनी के साथ-साथ कुशल फोटो जर्नलिस्ट के रूप में भी उनकी विशिष्ट पहचान है।
विभिन्न राष्ट्रीय व क्षेत्रीय मीडिया संस्थानों में अनुभव प्राप्त करने के बाद, वर्तमान में गौरव सिंघल सहारनपुर से 'रॉयल बुलेटिन' के साथ जुड़कर अपनी निष्पक्ष और गहरी रिपोर्टिंग से संस्थान को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।

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