अफगान सेना की जवाबी कार्रवाई में 55 पाकिस्तानी सैनिक ढेर, सैन्य बेस पर कब्जे का किया दावा
नई दिल्ली। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर से तनाव काफी बढ़ गया है। अफगान राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को दावा किया है कि अफगानिस्तान की सेना ने पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर जवाबी हमले किए, जिसमें कम से कम 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और 19 पोस्ट के साथ दो बेस पर कब्जा कर लिया गया। बता दें, इससे पहले पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर हमला किया था, जिसके जवाब में अफगान की तालिबानी सरकार ने यह कार्रवाई की है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, ये हमले गुरुवार रात को अफगान इलाके में पाकिस्तान के हमलों के जवाब में हुए, जिसमें औरतें और बच्चे मारे गए थे।
ये भी पढ़ें मोरना हत्याकांड: पिता के कातिल बेटियों को मिले कड़ी सजा, माँ और भाई ने रोते हुए की इंसाफ की मांगअफगान सेना के जवाबी ऑपरेशन में डूरंड लाइन के पार, पूरब और दक्षिण-पूर्व दिशाओं में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की चौकियों को निशाना बनाया गया। मंत्रालय ने कहा कि इन ऑपरेशन के दौरान, अफगान सेना ने दो पाकिस्तानी सैन्य बेस और 19 चौकियों को तबाह कर दिया, जिससे सैनिकों को चार और चौकियों से भागना पड़ा। देर रात करीब चार घंटे तक यह लड़ाई जारी रही, जिसमें 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, कई सैनिकों को जिंदा कब्जे में ले लिया गया और कई पाक सैनिक भागने में कामयाब रहे। मंत्रालय ने कहा, “इन ऑपरेशन में, अफगान सेना ने दर्जनों हल्के और भारी हथियार, गोला-बारूद और मिलिट्री सप्लाई जब्त कर लीं।
इसके अलावा, एक दुश्मन टैंक को तबाह कर दिया गया और एक बड़ी मिलिट्री ट्रांसपोर्ट गाड़ी पर भी कब्जा कर लिया गया।” अफगानी मंत्रालय ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान 8 अफगान सैनिक मारे गए और 11 दूसरे घायल हो गए। मंत्रालय ने यह भी बताया कि अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत में एक रिफ्यूजी कैंप पर पाकिस्तानी सेना के मिसाइल हमले में महिलाओं और बच्चों समेत 13 अफगान नागरिक घायल हो गए। तालिबान ने हाल ही में अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक के लिए पाकिस्तान की आलोचना की और इसे शर्मनाक कृत्य बताया। इसके साथ ही तालिबानी सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य जवाब की चेतावनी दी थी। इस दौरान अफगान रक्षा मंत्रालय ने दावा किया था कि इस्लामाबाद ने उग्रवादियों के बजाय आम लोगों को टारगेट किया। अल अरबिया इंग्लिश को दिए एक इंटरव्यू में, तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा, "जाहिर है, यह एक मिलिट्री जवाब होगा, लेकिन इसकी डिटेल्स कॉन्फिडेंशियल हैं और मैं और नहीं बता सकता। पाकिस्तान को उसके शर्मनाक काम के लिए जवाब मिलना चाहिए।"
इससे पहले 22 फरवरी को, अफगानिस्तान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने पाकिस्तानी सैन्य शासन पर नंगरहार और पक्तिका प्रांतों के अलग-अलग रिहायशी इलाकों में जानलेवा एयरस्ट्राइक करने का आरोप लगाया था, जिसमें कई आम लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि, अपनी कार्रवाई को लेकर इस्लामाबाद ने दावा किया कि वह पाकिस्तान में हमले कर रहे मिलिटेंट ग्रुप्स को टारगेट कर रहा था। मुजाहिद ने कहा कि नंगरहार में 22 लोगों के एक परिवार पर हमला हुआ, जिसमें 17 लोग मारे गए और पांच घायल हो गए। उन्होंने कहा कि एक स्कूल पर हमला होने से एक बच्चा घायल हो गया और कई बिल्डिंग्स डैमेज हो गईं। उन्होंने कहा, "वहां कोई हथियारबंद लोग नहीं थे। सिर्फ आम लोग घायल हुए और मारे गए।
आम लोगों के इलाकों को निशाना बनाया गया।" इसके अलावा, मुजाहिद ने पाकिस्तान के इस दावे को खारिज कर दिया कि पड़ोसी देशों के खिलाफ हमलों के लिए अफगान इलाके का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने अल अरबिया इंग्लिश से कहा, "बदकिस्मती से, जब भी पाकिस्तान के अंदर हमले होते हैं, तो वे बिना किसी सबूत के तुरंत अफगानिस्तान को इसका जिम्मेदार ठहराते हैं और हम पर आरोप लगाते हैं। हम इसे खारिज करते हैं। अफगान की जमीन का इस्तेमाल किसी के भी खिलाफ करने की इजाजत नहीं है।"
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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