पीएम मोदी से मिले सीएम योगी; यूपी में मंत्रिमंडल विस्तार और बड़े बदलावों की अटकलें तेज
नयी दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और उन्हें अयोध्या के राम मंदिर की प्रतिकृति भेंट की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस मुलाकात की जानकारी दी है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दोनों नेताओं की मुलाकात की तस्वीरें साझा की हैं। एक तस्वीर में योगी प्रधानमंत्री को अयोध्या के राम मंदिर की प्रतिकृति भेंट कर रहे हैं। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सिर्फ एक साल का समय शेष रह गया है और राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं जोरों पर हैं।
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने भी इस मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए इसे शिष्टाचार भेंट बताया है। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'आज नई दिल्ली में आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। आपका पाथेय 'नये उत्तर प्रदेश' की विकास यात्रा को और अधिक गति प्रदान करने हेतु सदैव नवीन ऊर्जा का संचार करता है। अपना बहुमूल्य समय प्रदान करने हेतु हार्दिक आभार प्रधानमंत्री जी।'
प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक अन्य पोस्ट में बताया कि लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने भी मोदी से मुलाकात की। गुप्ता ने भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर इस मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ 'शिष्टाचार भेंट' में लद्दाख में जन कल्याण, मुख्य विकास प्राथमिकताओं, अवसंरचना, कनेक्टिविटी, पर्यटन और समावेशी विकास पर चर्चा की।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में उत्तर प्रदेश में SIR (स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन) से जुड़े आंकड़ों और प्रदेश सरकार के आगामी कार्यों को लेकर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को जेवर एयरपोर्ट और गंगा एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण समारोह में शामिल होने का न्योता दिया। इसके साथ ही अगले महीने प्रस्तावित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी को लेकर भी जानकारी दी।
दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी की भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात हुई। वहीं, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य पहले से ही दिल्ली में मौजूद हैं। ब्रजेश पाठक ने भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन, राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष और राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह से मुलाकात की। मुख्यमंत्री योगी की नितिन नबीन से भी मुलाकात प्रस्तावित है, जो दोनों नेताओं की पहली औपचारिक मुलाकात होगी। इस दौरान यूपी सरकार की उपलब्धियों, आगामी योजनाओं, पंचायत व विधानसभा चुनाव की तैयारियों और मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा होने की संभावना है।
दरअसल, योगी सरकार 2.0 का दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार प्रस्तावित है। इसमें कुछ नए चेहरों को जगह मिल सकती है, जबकि कुछ मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी भी हो सकती है। इससे पहले पहला मंत्रिमंडल विस्तार 5 मार्च 2024 को लोकसभा चुनाव की अधिसूचना से एक सप्ताह पहले किया गया था।
मौजूदा मंत्रिमंडल की सामाजिक संरचना
वर्तमान में योगी मंत्रिमंडल में कुल 54 मंत्री हैं। इनमें 21 सामान्य वर्ग, 22 पिछड़ा वर्ग, 8 अनुसूचित जाति, 1 अनुसूचित जनजाति, 1 सिख और 1 मुस्लिम मंत्री शामिल हैं। जातिगत समीकरणों की बात करें तो मंत्रिमंडल में 7 ब्राह्मण, 7 ठाकुर, 3 वैश्य, 2 भूमिहार, 1 खत्री और 1 कायस्थ मंत्री हैं।
पिछड़ी जातियों में कुर्मी समाज से 4, राजभर समाज से 2, जाट समाज से 2, लोधी समाज से 2 और निषाद समाज से 2 मंत्री शामिल हैं। इसके अलावा गुर्जर, सैनी, प्रजापति, कश्यप, यादव, पाल, मौर्य, तेली, नोनिया चौहान और जायसवाल समाज से एक-एक मंत्री हैं।
दलित वर्ग में जाटव समाज से 4 मंत्री हैं, जबकि कोरी, पासी, खटीक, धोबी और वाल्मीकि समाज से एक-एक मंत्री को प्रतिनिधित्व मिला हुआ है।
योगी की प्रधानमंत्री मोदी और पार्टी के शीर्ष नेताओं से मुलाकातों के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और दूसरे मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाएं और भी मजबूत हो गई हैं।
