मुजफ्फरनगर में 42 करोड़ की जीएसटी चोरी का खुलासा, 34 फर्जी कंपनियां बनाकर राजस्व को लगाया चूना, 5वीं पास निकला मास्टरमाइंड
मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar)। (रॉयल बुलेटिन ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में साइबर क्राइम पुलिस ने फर्जी जीएसटी कंपनियों के जरिए करोड़ों रुपये की राजस्व चोरी के एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने 34 फर्जी कंपनियां बनाकर लगभग 42 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी कर सरकारी राजस्व को भारी चपत लगाई है।
मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तारी, बरामद हुआ भारी सामान पुलिस ने सटीक सूचना के आधार पर अफजल पुत्र समीर मलिक, मोनिस अली पुत्र शौकत अली और मोहम्मद हफीज पुत्र मोहम्मद लियाकत को गिरफ्तार किया। इनके पास से 6 मोबाइल फोन, 5 लैपटॉप, 12 डिजिटल सिग्नेचर (DSC) यूएसबी, 34 जीएसटी फॉर्म के प्रपत्र, रबर स्टाम्प, प्रिंटर, हार्ड डिस्क और एक लग्जरी क्रेटा कार बरामद की गई है। आरोपियों के खिलाफ जनपद के विभिन्न थानों में बीएनएस की संगीन धाराओं के तहत पांच मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
5वीं पास मास्टरमाइंड और एलएलबी पास सहयोगी जांच में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि इस गिरोह का मुख्य आरोपी अफजल केवल पांचवीं पास है, लेकिन उसके पास कई लग्जरी गाड़ियां और विभिन्न जनपदों में दूसरों के नाम पर बेनामी संपत्ति व मकान हैं। वहीं उसके सहयोगी मोनिस और मोहम्मद हफीज एलएलबी पास आउट हैं और सीए अकाउंटिंग से जुड़े कोर्स कर रहे हैं। इन शिक्षित युवाओं की मदद से अफजल तकनीकी रूप से फर्जीवाड़े को अंजाम देता था।
संपत्तियों की होगी जांच एसपी क्राइम ने बताया कि आरोपियों ने अवैध कमाई से आलीशान मकान और लग्जरी गाड़ियां अर्जित की हैं, जिनकी गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस अब इस सिंडिकेट के अन्य सूत्रों और इससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। इस बड़ी सफलता को उत्तर प्रदेश पुलिस के साइबर अपराध विरोधी अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
