पाचन से लेकर महिलाओं के स्वास्थ्य तक, जानें कैसे नागरमोथा रखता है आपकी सेहत का ख्याल?
नई दिल्ली। नागरमोथा अक्सर खेतों या बगीचों में खरपतवार की तरह उगता है, लेकिन इसके अंदर कई अद्भुत औषधीय गुण छुपे हैं। आयुर्वेद में इसे पाचन, वजन नियंत्रण, त्वचा, महिलाओं के स्वास्थ्य और बुखार जैसी समस्याओं में बेहद लाभकारी माना गया है। सबसे पहले बात करें पाचन तंत्र की। नागरमोथा खाने से भूख बढ़ती है और पाचन बेहतर होता है। अगर आपको मंदाग्नि, यानी कम भूख लगना या पेट में मरोड़, दस्त जैसी समस्याएं हैं, तो यह जड़ी-बूटी बहुत मददगार है।
महिलाओं के स्वास्थ्य में भी इसका महत्व कम नहीं है। मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द को कम करने में यह मदद करता है और अनियमित पीरियड्स को संतुलित करने में सहायक होता है। साथ ही, नागरमोथा बुखार को कम करने में भी उपयोगी है। पुराने या बार-बार आने वाले बुखार में इसका काढ़ा शरीर के तापमान को सामान्य करने और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है। नागरमोथा में औषधीय गुण मुख्य रूप से इसकी जड़ और छोटे गांठ वाले ट्यूबर में पाए जाते हैं। इन्हें सुखाकर या ताजा रूप में चूर्ण, काढ़ा, तेल या लेप बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। पत्तियां और तना भी इस्तेमाल होते हैं, लेकिन उनका असर जड़ जितना नहीं होता।
