मुजफ्फरनगर में एक और अंतरधार्मिक विवाह का मामला आया सामने, पुलिस ने लड़की को युवक के साथ भेजा !
मुजफ्फरनगर। अंतरधार्मिक प्रेम विवाह के एक मामले में मुजफ्फरनगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक युवती को उसके परिजनों द्वारा कथित रूप से कराए जा रहे जबरन तलाक से बचा लिया। पुलिस ने कानूनी रूप से विवाहित दंपती को एक साथ रहने की अनुमति दिलाई है।
मामला शामली जनपद के जलालाबाद निवासी 25 वर्षीय रणवीर सिंह सैनी और नानूपुर निवासी 23 वर्षीय मुस्लिम युवती अनम मलिक से जुड़ा है। दोनों एक ही कॉलेज में पढ़ते थे और पिछले एक वर्ष से प्रेम संबंध में थे। अलग-अलग समुदाय से होने के कारण दोनों के परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे।
परिजनों के विरोध के बाद रणवीर और अनम ने घर से भागकर पंजाब के जालंधर में कोर्ट मैरिज कर ली और कुछ समय तक साथ रहे। आरोप है कि बाद में अनम के परिजनों ने शादी स्वीकार करने का भरोसा देकर युवती को अपने साथ ले लिया। इसके बाद उसे मुजफ्फरनगर के खालापार क्षेत्र में एक मकान में रखा गया, जहां एक मस्जिद में उसका तलाक कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
जब अनम को इसकी जानकारी हुई तो उसने किसी तरह फोन कर रणवीर को पूरे मामले से अवगत कराया। रणवीर की सूचना पर खालापार थाना प्रभारी महावीर चौहान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और युवती को सुरक्षित बरामद कर थाने ले आए।
पुलिस ने आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों की सहमति को ध्यान में रखते हुए पति-पत्नी को साथ रहने की अनुमति दी और उन्हें रणवीर के घर भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों बालिग हैं और उनकी शादी कानूनी रूप से मान्य है, ऐसे में किसी भी प्रकार का दबाव या जबरदस्ती स्वीकार नहीं की जाएगी।
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