शुकतीर्थ धर्म संसद से उठी मांग—भारत को ‘हिंदू राष्ट्र’ घोषित किया जाए, 2027 में PM बनें योगी आदित्यनाथ
मुज़फ्फरनगर: पौराणिक तीर्थ नगरी शुकतीर्थ स्थित हनुमान धाम में रविवार को हिन्दू संघर्ष समिति द्वारा सनातन धर्म संसद का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें देशभर से आए अनेक साधु-संतों ने भाग लिया। इस मंच से भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित करने और योगी आदित्यनाथ को देश का प्रधानमंत्री बनाने की मांग प्रखर रूप से उठाई गई। कार्यक्रम में 12 सूत्रीय मांगों का एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित किया गया, जिसे जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रस्तुत किया गया। शीघ्र ही यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री को भी भेजा जाएगा।
ये भी पढ़ें मुजफ्फरनगर में जिला कारागार में डीएम-एसपी ने किया औचक निरीक्षण, बैरकों और रसोईघर की ली तलाशीभारत माता की पूजा कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानन्द महाराज ने अपने सम्बोधन में कहा कि आज पूरा विश्व मानवता के लिए कराह रहा है, और विश्व की निगाहें केवल भारत पर टिकी हैं। उन्होंने कहा कि शांति केवल सनातन धर्म से ही मिलेगी, जिसकी रक्षा की आज सबसे अधिक आवश्यकता है। उन्होंने देश में हिंदुओं के अल्पसंख्यक होने के चिंताजनक आंकड़ों पर प्रकाश डाला और कहा, "एक हिन्दू पर हुए हमले को सभी हिंदुओं पर हमला माना जाए।"
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स्वामी प्रबोधानन्द ने हरिद्वार धर्म संसद के बाद साधु-संतों पर हुए मुकदमों पर भी रोष व्यक्त किया और इसे स्वयं को हिंदू हितैषी कहने वाली सरकार में होना दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत एक हिन्दू राष्ट्र है और हिन्दू राष्ट्र रहेगा, केवल इसकी घोषणा होनी शेष है, जिसके लिए योगी आदित्यनाथ जैसे संत में साहस है, और उन्हें अब 2027 में प्रधानमंत्री बनने की आवश्यकता है। उनके द्वारा योगी आदित्यनाथ का नाम प्रधानमंत्री पद के लिए प्रस्तुत करते ही सभागार ‘जय जय श्रीराम’ और ‘योगी बाबा की’ के गगनभेदी नारों से गूंज उठा।
दिल्ली से पहुंची नाजिया इलाही ने अपने जोशीले सम्बोधन में कहा कि जिस तरह जुमे के दिन मुस्लिम नमाज अदा करते हैं, हिंदुओं को भी हनुमान चालीसा पढ़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर मस्जिद में अजान के लिए अनुमति की आवश्यकता नहीं है तो हनुमान चालीसा के लिए भी कोई अनुमति की जरूरत नहीं होनी चाहिए।
महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानन्द महाराज, स्वामी विवेकानंद महाराज, मैत्रेयी गिरी महाराज, स्वामी अनंतानन्द महाराज और आचार्य विष्णु महाराज समेत अन्य संतों ने हिंदुओं की घटती जनसंख्या पर गंभीर चिंता प्रकट की तथा सनातन की रक्षा के संकल्प को दोहराया। इस दौरान गौसेवा और गौपालन के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
मुख्यमंत्री को भेजे गए 12 प्रमुख प्रस्तावों में शामिल हैं:
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भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने की घोषणा करना।
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गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करना।
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सनातन बोर्ड का गठन किया जाना।
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सामाजिक एकता एवं समरसता को बढ़ावा देना और जाति विभेद समाप्त करना।
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जनसंख्या नियंत्रण एवं समान नागरिक संहिता (UCC) कानून लागू करना।
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मुस्लिम आक्रांताओं द्वारा मिटाए गए मंदिरों आदि को पुन: वापस करने हेतु कानून बनाना।
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मुजफ़्फरनगर का नाम लक्ष्मी नगर करना।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महामंडलेश्वर स्वामी केशवानन्द सरस्वती ने की व संचालन विवेकानंद महाराज तथा हिन्दू संघर्ष समिति के संरक्षक अमित गुप्ता ने किया। आयोजन समिति के नरेंद्र पंवार ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मंत्री कपिलदेव अग्रवाल समेत कई गणमान्य व्यक्ति और साध्वी पूजा, चन्द्रमा ब्रह्मचारी आदि उपस्थित रहे।
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