मुज़फ्फरनगर हाईवे पर भीषण हादसा: ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्राली में घुसी कार; दिल्ली के युवक की मौत, दो साथी गंभीर
मुज़फ्फरनगर/छपार। दिल्ली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर छपार थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। यहाँ भारत मेडिकल कॉलेज के सामने तेज रफ्तार वैगनआर कार सड़क पर आगे चल रही ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्राली में पीछे से जा घुसी। हादसे में कार सवार एक युवक की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि उसके दो साथियों की हालत नाजुक होने के कारण उन्हें मेरठ रेफर किया गया है।
हरिद्वार जा रहे थे तीनों दोस्त
जानकारी के अनुसार, नई दिल्ली के थाना जाफरपुर क्षेत्र के गांव ढासा निवासी रवि (32 वर्ष) पुत्र रामबीर, अपने दो दोस्तों संदीप और मोहित के साथ वैगनआर कार में सवार होकर हरिद्वार जा रहे थे। जैसे ही उनकी कार छपार क्षेत्र में हाईवे पर पहुँची, तभी अनियंत्रित होकर आगे चल रही ट्रैक्टर-ट्राली से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और तीनों दोस्त कार के भीतर ही फंस गए।
पुलिस की कार्रवाई और फरार चालक
सूचना मिलते ही छपार पुलिस मौके पर पहुँची और राहगीरों की मदद से घायलों को बाहर निकालकर जिला चिकित्सालय भर्ती कराया। उपचार के दौरान चिकित्सकों ने रवि को मृत घोषित कर दिया, जबकि संदीप और मोहित की चिंताजनक स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत मेरठ के लिए रेफर कर दिया।
मृतक के चाचा सतीश डागर की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रैक्टर-ट्राली को कब्जे में ले लिया है, जबकि चालक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहा। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां