लोकसभा में भारी हंगामा: स्पीकर ने कहा- पीएम के साथ कुछ भी हो सकता था..जानिए संसद के अंदर के हालात
नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) ने आज सदन में हुई अभूतपूर्व स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए एक बड़ा खुलासा किया है। विपक्षी महिला सांसदों के उग्र विरोध और स्पीकर की कुर्सी घेरे जाने के बाद उत्पन्न हुए सुरक्षा जोखिमों के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को टालना पड़ा।
स्पीकर ने भावुक होते हुए कहा, "कल प्रधानमंत्री के साथ सदन में कुछ भी (अनहोनी) हो सकती थी," जिसके चलते उन्होंने स्वयं पीएम से लोकसभा न आने का आग्रह किया।
सदन में क्या हुआ?
सदन की कार्यवाही के दौरान कल और आज विपक्ष, विशेषकर महिला सांसदों ने एक मोर्चा खोल दिया। विपक्षी महिला सांसदों ने वेल (Well) में आकर स्पीकर की चेयर को चारों तरफ से घेर लिया और नारेबाजी की।स्पीकर ने स्पष्ट किया कि जिस तरह का माहौल बनाया गया था, उसमें किसी भी अप्रिय घटना की संभावना थी। प्रधानमंत्री की सुरक्षा और सदन की मर्यादा को देखते हुए उनका भाषण टालना ही उचित था। हंगामे और धक्का-मुक्की की स्थिति को देखते हुए स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को कल तक के लिए स्थगित कर दिया है।
स्पीकर का बयान: "लोकतंत्र के लिए चिंताजनक"
स्पीकर ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा,"मैंने प्रधानमंत्री जी से विनम्र आग्रह किया कि वे आज सदन में न आएं। जिस तरह से महिला सांसदों ने आसन को घेरा और अवरोध पैदा किया, वह डराने वाला था। संसदीय इतिहास में यह पहली बार है जब मुझे सुरक्षा कारणों से पीएम की स्पीच को टालने का सुझाव देना पड़ा।"
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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