मुजफ्फरनगर में कचरा माफिया के खिलाफ भाकियू अराजनैतिक का महासंग्राम, 'रंगदारी' के आरोपों पर भड़के किसान, SSP दफ्तर का घंटों घेराव

ये भी पढ़ें वाराणसी : पार्कों के सुंदरीकरण में लापरवाही मामले में नगर निगम ने दो फर्मों पर लगाया जुर्मानाधर्मेंद्र मलिक का अनोखा विरोध: 'मैं रंगदार हूँ तो गिरफ्तार करो'
आंदोलन के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक की रही। वे अपने गले में एक तख्ती लटकाकर धरना स्थल पर पहुंचे, जिस पर लिखा था— “धर्मेंद्र मलिक रंगदार है”। उन्होंने भावुक और आक्रामक अंदाज में कहा कि कचरा माफिया उन्हें और उनके संगठन को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। मलिक ने चुनौती देते हुए कहा, "अगर माफिया के खिलाफ आवाज उठाना रंगदारी है, तो एसएसपी मुझे अभी गिरफ्तार करें। पुलिस को या तो मेरा इलाज करना चाहिए या फिर उन माफियाओं का जो शहर की आबोहवा में जहर घोल रहे हैं।"

पुलिस और पदाधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक
प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब सिविल लाइंस थाना प्रभारी इंस्पेक्टर आशुतोष कुमार ने एसएसपी कार्यालय के गेट पर लगा संगठन का बैनर हटाने की कोशिश की। इस पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मांगेराम त्यागीभड़क गए। उन्होंने पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा कि यह कार्यालय जनता का है और बैनर संगठन का सम्मान है, इसे छूने की हिम्मत न की जाए। वहीं, संगठन के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह के तेवर भी बेहद सख्त रहे। उन्होंने अधिकारियों को मर्यादा में रहने की नसीहत देते हुए कहा कि किसानों को कमजोर समझने की भूल न करें, कई बड़े अधिकारियों को मर्यादा सिखाकर यहां से भेजा गया है।

गठवाला खाप का खुला समर्थन और सामाजिक एकजुटता
इस आंदोलन को सामाजिक मजबूती तब मिली जब गठवाला खाप के मुखिया बाबा राजेंद्र सिंह मलिक अपने थाम्बेदारों के साथ समर्थन देने पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट ऐलान किया कि पूरी गठवाला खाप धर्मेंद्र मलिक के साथ खड़ी है। बाबा राजेंद्र मलिक ने यह भी कहा कि कोई भी व्यक्ति खुद को सभी खापों का चौधरी घोषित नहीं कर सकता, समाज ऐसी तानाशाही स्वीकार नहीं करेगा। धरने से पूर्व मांगेराम त्यागी ने टिकैत चौक पर पहुंचकर महात्मा महेंद्र सिंह टिकैत के बैनर को साफ किया और वहां भव्य प्रतिमा लगाने के लिए व्यक्तिगत रूप से 1.5 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की।
प्रशासन झुका: संयुक्त समिति का गठन
घंटों चले हंगामे और जाम के बाद एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत किसानों के बीच पहुंचे। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी ने प्रदूषण विभाग, राजस्व, पुलिस और परिवहन विभाग की एक संयुक्त 'जांच समिति' गठित कर दी है। यह समिति अवैध रूप से आ रहे कचरे और प्रदूषण फैला रही इकाइयों की जांच करेगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। प्रशासन के इस लिखित आश्वासन और मोबाइल पर चल रही 'मैसेज वॉर' को बंद करने के समझौते के बाद धरना समाप्त किया गया।
शहर रहा ठप, एम्बुलेंस भी फंसी
प्रदर्शन के कारण कोर्ट रोड, प्रकाश चौक, महावीर चौक और सदर बाजार में यातायात पूरी तरह ठप रहा। ट्रैक्टरों की लंबी कतारों के कारण कई जगहों पर एम्बुलेंस भी फंसी नजर आईं। पुलिस ने कड़ाई दिखाते हुए कुछ वाहनों को सीज किया और चालान काटे, जिसे लेकर भी किसानों में भारी रोष देखने को मिला।
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