मुजफ्फरनगर लव जिहाद मामला: ‘समीर शर्मा’ बनकर की दोस्ती, फिर धर्मांतरण का दबाव; विधवा महिला से मारपीट करने वाला आरोपी हाजी गिरफ्तार
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक विधवा महिला के साथ छल, यौन शोषण और जबरन धर्म परिवर्तन के प्रयास का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना ने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया है। पीड़िता ने सोशल मीडिया पर एक मार्मिक वीडियो जारी कर अपनी आपबीती सुनाई, जिसके बाद हिंदू संगठनों की चेतावनी पर पुलिस हरकत में आई और मुख्य आरोपी हाजी नौशाद को गिरफ्तार कर लिया।
पहचान छिपाकर बनाया शिकार
पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि करीब तीन साल पहले इंस्टाग्राम पर उनकी पहचान 'समीर शर्मा' नाम के एक युवक से हुई थी। खुद को हिंदू बताकर दोस्ती करने वाले इस युवक ने शादी का वादा कर पीड़िता का विश्वास जीता। जब पीड़िता उससे मिलने पहुँची, तो सच्चाई का खुलासा हुआ कि 'समीर शर्मा' असल में हाजी नौशाद है, जो पहले से शादीशुदा और दो बच्चों का पिता है।
दुष्कर्म, ब्लैकमेल और तीन साल तक शोषण
सच्चाई सामने आने के बाद जब महिला ने संबंध तोड़ने की कोशिश की, तो नौशाद ने धमकी देकर उसे बुलाया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे पिलाया और फिर दुष्कर्म किया। इसके बाद नौशाद ने अश्लील फोटो और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया, जिसके जरिए वह तीन साल तक लगातार यौन शोषण करता रहा।
वायरल वीडियो में रोते हुए पीड़िता ने बताया कि, "मैं ब्राह्मण समाज की बेटी हूं और सिंगल मदर हूं। उसने पंडित बनकर दोस्ती की, शादी का लालच दिया, फिर ब्लैकमेल कर शोषण किया। अब आरोपी और उसकी पत्नी दोनों मिलकर मुझ पर जबरन हिंदू धर्म छोड़कर निकाह (धर्म परिवर्तन) करने का दबाव बना रहे हैं।" महिला ने बताया कि सच्चाई सामने आने पर जब उसने विरोध किया, तो आरोपी ने उससे बात करना बंद कर दिया और बाद में उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। आरोपी उस पर लगातार धर्मांतरण के लिए दबाव डालता रहा और दिल्ली व अन्य जगहों पर डरा-धमकाकर मिलता रहा। पीड़िता, जो एक विधवा है और जिसके 15 वर्षीय बेटा और 12 वर्षीय बेटी हैं, के साथ मारपीट भी की गई, जिसका फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
हिंदू संगठनों की चेतावनी पर पुलिस की कार्रवाई
पीड़िता ने पहले खतौली थाने और मुजफ्फरनगर कोतवाली में शिकायतें दी थीं, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर उसने 31 अक्टूबर को वीडियो जारी कर इंसाफ मांगा।
वीडियो वायरल होते ही योग साधना आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने इसे 'जिहाद' करार देते हुए पुलिस को खुली चेतावनी दी। स्वामी यशवीर महाराज ने कहा कि अगर 7 दिनों के भीतर आरोपी पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो हिंदू समाज के साथ मिलकर आरोपी के घर के बाहर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
सोशल मीडिया वीडियो के बाद त्वरित कार्रवाई
पीड़िता ने बताया कि उसने पहले 16 सितंबर को खतौली थाने में और फिर 30 अक्टूबर को नगर कोतवाली मुजफ्फरनगर में शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
31 अक्टूबर की शाम जब महिला ने अपनी आपबीती का वीडियो और मारपीट का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर डाला, तो विश्व हिंदू परिषद के नेताओं और योग साधना आश्रम के पीठाधीश्वर यशवीर महाराज ने इसका संज्ञान लिया। यशवीर महाराज ने पुलिस को चेतावनी देते हुए वीडियो जारी किया कि 7 दिन में कार्रवाई न होने पर वे धरना-प्रदर्शन करेंगे।
वीडियो वायरल होते ही पुलिस हरकत में आई और देर शाम आरोपी युवक के खिलाफ खतौली थाने में एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
एसएसपी ने दिया सख्त कार्रवाई का आश्वासन
मामले ने तूल पकड़ा तो एसएसपी संजय कुमार वर्मा तत्काल हरकत में आए। एसएसपी ने मीडिया को बताया कि पीड़िता के गंभीर आरोपों पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी हाजी नौशाद को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस ने आरोपी पर दुष्कर्म, ब्लैकमेल, धोखाधड़ी और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम (धर्मांतरण विरोधी कानून) की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी के फोन और डिवाइस भी जब्त कर लिए हैं और गहन जांच शुरू कर दी है।
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लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
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